यूपी विधानसभा में मिले विस्फोटक के सैंपल की दोबारा जांच हो : NIA


यूपी विधानसभा में 12 जुलाई को मिले विस्फोटक की जांच कर रही राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) चाहती है कि जो विस्फोटक मिला था उसके सैंपल की दोबारा जांच हो। फिलहाल एनआईए और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने विधानसभा के अंदर साझा जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद कल देर रात तक दोनों टीमों ने विधानसभा के चप्पे-चप्पे को खंगाला था। दोनों टीमें सीसीटीवी फूटेज की भी जांच कर रही हैं।

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शुक्रवार देर रात तक इस मामले को लेकर बातचीत होती रही और उसके बाद एनआईए और एटीएस दोनों एजेंसियों की राय है कि इस विस्फोटक के सैंपल की दोबारा जांच कराई जाए। एनआईए की इस बात पर ATS और आईबी दोनों ने हामी भर दी है। बता दें कि एनआईए आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच करती है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल देर शाम सुरक्षा को लेकर हाईलेवल मीटिंग भी की जिसमे गृह सचिव, डीजीपी, एनआईए , एटीएस और इंटेलिजेंस पुलिस के बड़े अफसर शामिल हुए। इस मीटिंग में विधानसभा की सुरक्षा को और पुख्ता करने पर चर्चा हुई। मीटिंग में हुई बातचीत में मुख्यमंत्री योगी ने विस्फोटक मिलने की घटना को आतंकी साजिश कहा और एनआईए से जांच की बात कही थी।

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ये विस्फोटक 12 जुलाई को मिला था। इसकी जांच लखनऊ के अलीगंज में स्टेट फॉरेंसिक लेबोरेटरी में हुई थी। अपनी जांच में एनआईए फिलहाल ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये खतरनाक विस्फोटक विधानसभा के अंदर पहुंचाने की साजिश किसकी है और इसके पीछे क्या मकसद था? कहीं विस्फोट करने वाले ने विस्फोटक के जरिए मुख्यमंत्री योगी को तो निशाना नहीं बनाना था?

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बता दें कि 12 जुलाई की सुबह यूपी विधानसभा के अंदर विस्फोटक मिलने का खुलासा हुआ था। फौरेंसिक जांच में विस्फोटक के रूप में इसकी पुष्टि हुई है। यह विस्फोटक 150 ग्राम की मात्रा में मिला है। विस्फोटक उस जगह पर रखा था जहां तमाम पार्टियों के विधायक बैठते हैं। ये विस्फोटक समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पांडे की सीट के नीचे मिला है।

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