लखनऊ : केजीएमयू में भीषण आग से 5 की मौत, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश


लखनऊ : लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार देर रात आग लग गई। आग से 5 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दो बच्चों की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से बीमार थे। उनकी मौत भी आग की वजह से नहीं हुई है, साथ ही उनका कहना है कि ट्रॉमा सेंटर के सभी मरीजों को अच्छी तरह से शिफ़्ट कर लिया गया था। प्रशासन भले ही इनकार कर रहा हो पर खबर ये भी आ रही है गंभीर रूप से बीमार मरीजों की मौत ट्रॉमा सेंटर से शिफ़्ट करते वक़्त हुई है। आग पर रात में ही क़ाबू पा लिया गया था, लेकिन इसके बाद अस्पताल में पूरी रात अफ़रातफ़री का माहौल रहा।

 

चल रहा था ऑपरेशन
जिस समय ट्रॉमा सेंटर के दूसरे फ्लोर पर आग लगी, उस वक्त ओटी में पांच मरीजों का ऑपरेशन चल रहा था। उसमें से एक मरीज को गोली लगी थी। आग लगने के बाद उसे लोहिया अस्तपाल भेज दिया गया। लोहिया में डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि इतने गंभीर मरीज के ऑपरेशन की सुविधा ही अस्पताल में नहीं है। इसके बाद रोते-बिलखते परिवारीजन मरीज को सहारा अस्पताल लेकर भागे, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी।

यह केजीएमयू के डॉक्टरों का जज्बा ही था कि ट्रॉमा सेंटर में भीषण आग लगने के महज चार घंटे बाद मरीजों का दोबारा इलाज शुरू कर दिया गया। जो मरीज बाहर से आ रहे थे, उन्हें रात करीबन पौने ग्यारह बजे से इलाज मिलने लगा। हालांकि इनमें से ज्यादातर मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद ट्रॉमा सेंटर के पास बने शताब्दी-टू में भेजा जाने लगा। जिन मरीजों की स्थिति गंभीर नहीं थी उन्हें लोहिया अस्पताल, लोहिया संस्थान, सिविल, बलरामपुर और अन्य सरकारी अस्पतालों को भेजा गया।

 

प्लास्टिक के सामान कारण आग तेजी से फैली
ट्रॉमा की दूसरी मंजिल पर बनी एटीएलएस यूनिट में प्लास्टिक के बेड व मैनीक्विन रखी थीं। इस कारण आग बहुत तेजी से फैली। आग ने ग्राउंड फ्लोर, पहली मंजिल व दूसरी मंजिल को अपनी गिरफ्त में ले लिया। तीसरी मंजिल पर ट्रामा वेंटीलेटर यूनिट ([टीवीयू)] में अत्यंत गंभीर मरीज थे, जिन्हें किसी तरह बचाया गया। जिस फ्लोर पर आग लगी उसमें आर्थोपेडिक विभाग, मेडिसिन विभाग व न्यूरो सर्जरी विभाग शामिल हैं। आग चौथे व पांचवे फ्लोर पर न पहुंचे इसके लिए क़़डी मशक्कत की गई।

नहीं काम आए अग्निशमन यंत्र
ट्रामा सेंटर में आग लगने के करीब 20 मिनट बाद फायर बिग्रेड पहुंची। आग लगते ही ट्रामा के कर्मचारी व तीमारदारों ने किसी तरह अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने की कोशिश की लेकिन, वह किसी काम नहीं आए।

मंडलायुक्त को तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश

उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आग लगने की घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए लखनऊ के मंडलायुक्त को जांच का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुःखद बताते हुए घटना की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इसके लिए दोषी व्यक्तियों की जिम्मेदारी निर्धारित किया जाए, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके. साथ ही इस प्रकार की घटना की भविष्य में पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी संस्तुतियां दी जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वहां पर भर्ती मरीजों की वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। आग बुझाने के लिए मौके पर दमकल की छह गाड़ियां पहुंचीं थीं। शुरुआती जांच में बताया जाता है कि आग एयरकंडीशनर में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी और देखते ही देखते दूसरे तल पर फैल गई थी।

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