जीएसटी सेमीनार में व्यापारियों ने दिया ज्ञापन


बुलन्दशहर: बुलन्दशहर का प्रमुख उद्योग हैण्ड पम्प केपार्ट बनाना भी है। यह सामान दिल्ली, बिहार व अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में व दूरदराज के ईलाको में भी जाता है। जीएसटी के बाद इस उद्योग पर खतरे के बादल मंडराने लगे है क्योंकि इसका कच्चा माल जो है उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है। जबकि तैयार माल पर जीएसटी 5 प्रतिशत है। इस तरह व्यापारी को तेरह प्रतिशत का नुकसान हो रहा है। इससे इस तैयार माल के दाम बढ़ेगे। या मुनाफा कम होगा। दोनों ही स्थिति इस उद्योग को बुलन्दशहर में चलायमान रखने में नकारात्मक जाती है। जीएसटी सेमीनार में बुलन्दशहर के व्यापारियों ने इस पर भारी आपत्ति जताते हुए इसके निराकरण की मांग की। केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किया गया जीएसटी जल्दबाली में तैयार किया गया जीएसटी है। जिसके अनुपालन में व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही व्यापारियों की जरा सी लापरवाही उनको जेल भिजवा सकती है।

जबकि लापरवाही सजा में जुर्माना ही काफी होता है। उक्त बात पश्चिमी उ. प्र. उद्योग व्यापार मण्डल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस के सक्सैना ने कही। वह जिला पंचायत भवन में प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधी प्रशासन हिमांशु कुमार आईए एस की अध्यक्षता में आयोजित सेमीनार को सम्बोधित कर रहे थे। अपने सम्बोधन से पूर्व जनपद के व्यापारियों की तरफ से हिमांशु कुमार का स्वागत किया। प्रदेश उपाध्यक्ष एस के सक्सैना ने हैण्ड पम्प का मामला प्रमुखता के साथ उठाया। जिला अध्यक्ष नरेश गोयल, नगर अध्यक्ष सुमित माहेश्वरी, ने मांग की कि जीएसटी का सरलीकरण कर मंडी शुल्क समाप्त किया जाऐ। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस के सक्सैना ने कहा कि 1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों के को मासिक रिर्टन के स्थान पर तिमाही रिटर्न का प्रावधान किया जाऐ।

ई वे बिल का पूरी तरह से विरोध किया जाऐगा। इसको पूरी तरह से समाप्त किया जाऐ। उन्होनें मांग की कि व्यापारियों की सजा के प्रावधान को बिल्कुल समाप्त किया जाऐ। जब पेनल्टी का प्रावधान है तोसजा के प्रावधान को तुरंत समाप्त किया जाऐ। इससे व्यापारियो का उत्पीड़न होग। यदि यह समाप्त नहीं किया गया तो व्यापारियो को गुजरात की तरह उ. प्र. में भी सड़कों पर उतरना पड़ेगा। और वह विरोध करेगें। बैठक में चौधरी विजेन्द्र सिंह, प्रदेश संरक्षक ने कहा कि हैण्ड पम्प के व्यापारियों की मांग पर व समाचार पत्रों के संवाददाताओं की मांग पर प्रमुखता से विचार किया जाऐ। बैठक में प्रमुख सचिव वाणिज्यकर अधिकारी एवं प्रमुख रूप से अनिल शर्मा, नरेश तायल, संजय सिंहल, गौरव आनन्द, सचिन गोयल, सुभाष शर्मा, हरीश अग्रवाल, मूल चंद, एवं प्रमुख अधिवक्ता उपस्थित रहे।

– अशोक शर्मा

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