नेपाल को भी कौशल विकास से जोडऩे की जरूरत : योगी


गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पड़ोसी देश नेपाल को केंद्र बनाकर भारत पर निशाना साध रही ताकतों को जवाब देने का आहवान करते हुए पड़ोसी मुल्क के लोगों को भी कौशल विकास से जोडऩे की जरूरत बतायी। योगी ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहा कि यह अच्छा है कि कौशल विकास के किसी केंद्र के माध्यम से एसएसबी जैसा संगठन आगे आकर लोगों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा। उन्होंने कहा अच्छा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में हम दोनों ओर के नागरिकों को इस कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित करें……क्योंकि भारत और नेपाल के सम्बन्ध उसी प्रकार से हैं, जैसे शरीर दो हों, लेकिन उनमें एक ही आत्मा निवास करती हो। मुख्यमंत्री ने कहा हम लोगों को दुनिया की उन ताकतों को जवाब देना है जो नेपाल को केंद्र बनाकर भारत पर निशाना साधना चाहती हैं। इस दृष्टि से यह अत्यन्त महत्वपूर्ण होगा कि नेपाल के नागरिकों को भी, एक सांझी विरासत के होने के नाते अपने साथ प्रशिक्षित करवाकर उन्हें भी कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहिये, ताकि वे अपनी रोजी-रोटी के लिये भटकने को मजबूर ना हों। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में लोगों को कार्य करने के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विकास की अपार सम्भावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएसबी द्वारा गोरखपुर में जो 100 एकड़ जमीन की मांग की जा रही है, उसे दिलवाने में वह हरसम्भव मदद करेंगे।
योगी ने इस मौके पर गोरखपुर स्थित एसएसबी मुख्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया। इसके पूर्व, अपने गोरखपुर दौरे के दूसरे और अंतिम दिन योगी गोरखपुर मेडिकल कालेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भी गये और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल लिया। उन्होंने नवजात शिशु सघन चिकित्सा कक्ष तथा आपात्कालीन सेवा कक्ष का निरीक्षण भी किया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस की बीमारी खासकर बरसात के दिनों में ज्यादा फैलती है, लिहाजा हर प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर डाक्टर जरूर मौजूद रहें और दवाओं की उपलब्धता बनी रहे।