राहुल मिश्रा पर फर्जी वसीयत बनाने का आरोप


लखनऊ: श्याम बहार पान मसाला की नींव रखने वाले संजीव मिश्रा की मौत के बाद से उनकी व्यक्तिगत सम्पत्ति को हड़पने का कुचक्र रचने वाला राहुल मिश्रा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। राहुल मिश्रा ने फर्जी वसीयत बनाकर उसे रजिस्ट्रार आफिस के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिली-भगत करके असली साबित करके, संजीव मिश्रा की काफी सम्पत्ति को बेच डाला था। उक्त सम्पत्तियों की वास्तविक मालकिन मृतक संजीव मिश्रा की पत्नी मीनाक्षी मिश्रा को जब फर्जीवाडे की जानकारी हुई तो उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की।

उप जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व निबंधक कार्यालय के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उक्त वसीयत फर्जी एवं जाली है। फर्जी वसीयत को बड़े ही शातिराना तरीके से निबंधक कार्यालय के अभिलेखों में इस तरह शामिल कराया गया था कि वह बिल्कुल असली लगती थी। हैरत की बात यह थी कि प्रमाणित प्रति निकलवाने पर भी फर्जी वसीयत ही निकलती थी। उच्च अधिकारियों की जांच में वसीयत फर्जी साबित होने पर अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली वजीरगंज में गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए। लेकिन आपराधिक मुकदमें दर्ज होने से पहले ही राहुल मिश्रा ने अन्य लोगों की मदद से इस फर्जी वसीयत के आधार पर मृतक संजीव मिश्रा की करोड़ों की सम्पत्ति बेच डाली।

मृतक संजीव मिश्रा की श्याम बहार गुटखा के ट्रेडमार्क को भी राहुल मिश्रा ने गलत हलफनामें के आधार पर हथिया लिया है, जिसके संबंध में भी वजीरगंज कोतवाली में ही एक अन्य मुकदमा दर्ज है। ज्ञात हो कि राहुल मिश्रा व उसके सहयोगी काफी समय से फरार चल रहे थे, जिसमें न्यायालय द्वारा दो मुकदमों में गैर जमानतीय वारन्ट भी जारी किया गया था। वजीरगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह एवं चौकी इंचार्ज, अंबर गंज (थाना सआदतगंज), पंकज त्यागी के संयुक्त प्रयास से राहुल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

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