नदियों एवं नालों को पुर्नजीवित किया जाए


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सूखी नदियों एवं नालों को पुर्नजीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई एवं जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध करा सकें।

सिंह ने कल पीलीभीत एवं लखीमपुर के बाढ़ से प्रभावित एवं कटान होने वाले क्षेत्रों के विधायकों के साथ स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी अधिकारी बाढ़ से प्रभावित एवं कटान वाले क्षेत्रों में मौके पर जाकर निरीक्षण करें एवं आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए कार्ययोजना बनाकर जल्द उपलब्ध करायें।

सिंह ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि अधिक से अधिक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाये। हर-हाल में बाढ़ प्लावन को रोककर खेती की पैदावार बढ़ायी जाए।

जहां भी आवश्यकता हो तटबंधों की मरम्मत एवं नहरों की सिल्ट सफाई समय रहते सुनिश्चित किया जाए। कोई भी व्यक्ति किसी भी कीमत पर नहरों में बांध बनाकर पानी पर अतिक्रमण न कर पाये। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी हरकत करता है तो उसके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को आसानी से पानी उपलब्ध कराया जा सके।

सिंह ने निर्देश दिया कि जहां भी नहरों पर अतिक्रमण किया गया है उसे तत्काल संज्ञान में लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जहां भी बांध तथा नहर कटे हुए हैं बारिश के पहले उनकी मरम्मत और निर्माण का कार्य समय रहते करा लिया जाये। जो भी बांध आधे-अधूरे हैं उनकों एवं ठोकरों को भी रोक दुरूस्त करना सुनिश्चित करें।

इस मौके पर बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाति सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ आने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवधि प्रारम्भ करा दिया जाए। सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश चन्द्रा ने मुख्य अभियन्ता को निर्देश दिया कि शारदा नहर पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई न करने वाले दो सींचपालों को तत्काल निलंबित कर दिया जाये।

(वार्ता)

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