सपा-कांग्रेस का गठबंधन 2019 के लिए खटाई में


akhilesh_rahul

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मिलकर चुनाव लड़ चुके कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) का गठबंधन लोकसभा का 2019 में होने वाले चुनाव के लिये खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। विधानसभा की कुल 403 सीटों में से कांग्रेस ने 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था जबकि सपा ने 300 पर अपने उम्मीदवार खड़े किये थे। कांग्रेस को सात सीटों पर जीत हासिल हुई थी जबकि सपा को 47 सीटें मिली थीं।

सपा अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव बाद कहा था कि कांग्रेस और सपा के सम्बन्ध बरकरार रहेंगे, लेकिन हालिया घटनाक्रमों की वजह से लगता है कि अब दोनों दलों का चुनावी गठबंधन शायद ही हो। सपा प्रवक्ता और राज्य विधान परिषद सदस्य सुनील यादव का कहना है कि उनकी पार्टी राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बूथ कमेटियां गठित की जा रही हैं। चुनाव प्रभारी तय करने की प्रक्रिया चल रही हैं।

अब तक की तैयारियों से यह माना जा सकता है कि पार्टी राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, लेकिन अंतिम फैसला करने का अधिकार अध्यक्ष अखिलेश यादव का है। उन्होंने कहा कि सपा हर हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराना चाहती है। इसके लिये जो भी करना होगा किया जाएगा। उनका कहना था कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों की वजह से किसान, पिछड़, दलित, अल्पसंख्यक सभी परेशान हैं।

भाजपा सरकार मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिये धार्मिक मुद्दों को अभी से आगे करने पर लग गयी है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक में भी हनुमानजी का जिक्र किया। विकास से इन लोगों का कोई लेना देना नहीं है। सपा से गठबंधन के मामले में कांग्रेस में भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता द्विजेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में राज्य की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ा जायेगा। सभी सीटों पर चुनावी तैयारियां चल रही हैं।

गठबंधन के सम्बन्ध में किसी से कोई बात नहीं हुई है, लेकिन गठबंधन का अधिकार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को है। कार्यकर्ता चाहते हैं कि सभी सीटों पर कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़ा करे। इसके बावजूद यदि पार्टी नेतृत्व चुनावी गठबंधन करता है तो कार्यकर्ता उसपर भी काम करने को तैयार रहेंगे, लेकिन तैयारियां सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने की जा रही हैं।

गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर विपक्षी दलों की बैठक बुलायी थी। बैठक में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ था, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने सहमति पत्र भेजा था। इसके बाद अटकलें लगनी शुरु हो गयी थीं कि कांग्रेस और सपा समझौता कर चुनाव लड़ सकती हैं।

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