मां के दुपट्टे से छात्र ने लगाई फांसी


लखनऊ: पूरी दुनिया में पैर पसार चुका ब्लू व्हेल चैलेंज गेम लगातार जिंदगियों को अपनी आगोश में ले रहा है। आये दिन छात्र मौत को गले लगाने के लिए या तो ऊंची इमारत से छलांग लगा रहे हैं, या फिर फांसी लगाकर जान दे रहे हैं। राजधानी लखनऊ में ब्लू व्हेल गेम से मौत का दूसरा मामला प्रकाश में आया है। पिछले दिनों इंदिरानगर में एक छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी की थी। वहीं कृष्णानगर थाना क्षेत्र में एक 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पहले तो घरवालों ने मामले को घंटो दबाये रखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिवार वालों ने छात्र की मौत की वजह ब्ल्यू व्हेल गेम में फंसकर जान देना बताई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।थाना प्रभारी कृष्णानगर अंजनी पांडेय के मुताबिक, एमएम-डी-1 436 एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड निवासी मनीष कुरील अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह पीएचसी उतरेठिया में हेल्थ वर्कर हैं। वह अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका बेटा आदित्य आनंद (15) न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज में दसवीं का छात्र था। घरवालों के अनुसार उनका बेटा सबकी आंखों का तारा था। घर में किसी बात की कमी नहीं थी। आदित्य को किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी।

उसकी हर एक फरमाइश उसका परिवार पूरा करता था। यही वजह थी कि कोई भी यह नहीं जान पाया कि आदित्य ने इस कदम को क्यों उठाया? पिछले कुछ दिनोंसे वह गुमसुम रहने लगा था। बीती रात आदित्य ने घर के अंदर कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बेटे के देर तक कमरे से बाहर न निकलने पर जब घरवालों ने कमरे में जाकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आदित्य ने अपनी मां के दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाया और जान दे दी। परिवार वालों ने आशंका जताई है कि उसने ब्लू व्हेल गेम में फंसकर खुदकुशी की है। फिलहाल असल में मामला क्या है इसकी पुलिस पड़ताल कर रही है। जिस तरह से ब्लू-व्हेल ने एक और जिन्दगी निगल ली है उससे एक बात तो साफ हो गयी है कि प्रशानिक अमले की एडवाइजरी के बाद भी माता-पिता किसी तरह का सबक नहीं लेना चाहते हैं। जिसका खामियाजा आखिरकार उन्ही को उठाना पड़ता है। सिर्फ मोबाइल छीन लेना ही समस्या का हल नहीं है, बल्कि इसके लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।