भाकियू में खुलकर सामने आई गुटबाजी


मंडी धनौरा: भारतीय किसान यूनियन की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गयी। हरिद्वार में भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष चौधरी डूंगर सिंह को जिलाध्यक्ष पद की कमान सौंपे जाने से भाकियू की तहसील इकाई खफा हो गयी है। तहसील अध्यक्ष ने भाकियू के राष्टीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत तथा राष्टीय उपाध्यक्ष चौधरी विजयपाल सिंह को पत्र प्रेषित कर जिलाध्यक्ष के विरोध में संगठन के पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के दो धड़ो में काफी पहले से ही गुटबाजी सामने आ रही है तथा कभी भी भाकियू के तहसील अध्यक्ष आलोक कुमार तथा ब्लाक अध्यक्ष डूंगर सिंह किसानो की समस्याओं को लेकर कभी भी एक मंच पर साथ नही आये तथा दोनो गुटो के लोग किसानो की समस्याओं का निस्तारण कराने के बजाय एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते तथा छींटाकाशी करने से बाज नही आते।

अभी हरिद्वार में आयोजित किसान यूनियन के दिन दिवसीय शिविर में भाकियू के राष्टीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी उम्मेद सिंह को प्रदेश कार्यकारिणी मे स्थान देकर उनके स्थान पर ब्लाक अध्यक्ष चौधरी डूंगर सिंह को जिलाध्यक्ष पद की कमान सौंपी है। जिसके चलते भाकियू की तहसील इकाई का आलोक गुट खफा हो गया। मंगलवार को आलोक गुट की एक पंचायत तहसील परिसर में सम्पन्न हुई। पंचायत में तहसील इकाई के कार्यकर्ताओं द्वारा डूंगर सिंह को जिलाध्यक्ष बनाये जाने का विरोध किया गया तथा भाकियू के राष्टीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की कार्यप्रणाली की आलोचना की गयी। वक्ताओं का कहना है कि जिलाध्यक्ष चौधरी डूंगर सिंह को तत्काल जिलाध्यक्ष पद से बर्खास्त किया जाये।

कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को बर्खास्त न किये जाने पर भाकियू के राष्टीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत तथा राष्टीय उपाध्यक्ष चौधरी विजयपाल सिंह को पत्र प्रेषित कर संगठन के पदों से त्याग पत्र देने का निर्णय लिया है। पत्र देने वालों में जिला उपाध्यक्ष रामपाल सिंह, भगवान सिंह, गिरिराज सिंह, डा0 चन्द्रपाल सिंह, जयपाल सिंह, अमन सिंह, सुधाकर सिंह, सतीशचंद अशोक प्रधान, गुरूचरन सिंह, लालचंद सिंह, योगेन्द्र सैनी, हुकुम सिंह सैनी, बलवीर सिंह, बलविन्दर सिंह, तेजपाल सिंह आदि शामिल है।

– परविन्दर सिंह