किसानों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव


बुलन्दशहर: किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट का घेराव किया। जिले भर से आये किसान राजे बाबू पार्क मे एकत्र हुए और वहीं से किसान सभा के बैनर तले जुलूस बनाकर कलेक्ट्रेट के गेट पर पहुंचे। वहां पर पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। परन्तु किसान पुलिस को धकियाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंच गये और जोरदार प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन ने किसानों के कलेक्ट्रेट में घुसने का विरोध किया। जिसे आंदोलनकारी किसानों ने दरकिनार कर दिया। कलेक्ट्रेट पर पहले से मौजूद भाकियू कार्यकर्ता भी मौजूद थे। वहां पर दोनों संगठनों ने मिलकर जिला प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ संयुक्त धरना शुरू कर दिया। लगभग दो घंटे तक चली कशमकश के बाद जिला प्रशासन को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौपा गया। ज्ञापन में सभी किसानों, मजदूरों, दस्तकारों के कर्ज माफ करने, फसलों के रेट तय करने में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, गन्ने के रेट  400 रूपये प्रति कुन्तल घोषित करने, नलकूप कनैक्शनों का लोड 5 हॉर्सपावर से बढ़ाकर 7.5 हॉर्सपावर करने का विरोध करने, बिजली की दरों में भारी बढ़ोत्तरी करने, चीनी मिलों को अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में चलाने आदि मुद्दों को उठाया गया था।

मजदूर संगठन सीआईटीयू के जिला सचिव कामरेड सुरेन्द्र सिंह ने किसानों के आन्दोलन का समर्थन किया। तथा किसान मजदूर संगठनों के प्रति जिला प्रशासन के तानाशाही पूर्ण रवैये की निन्दा की। सभा को सम्बोधित करते हुए किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष कामरेड चन्द्रपाल सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की पूंजीपति परस्त नीतियों ने किसानों को तबाह कर दिया है। फसलों के रेट मिलना बन्द हो गये है। सब्सिडी में कटौती से फसलों की लागत में भारी बढ़ोत्तरी हो गयी है। मोदी सरकार फसल बीमा के नाम पर किसानों के खातों से जबरिया बीमा की रकम काट कर निजी बीमा कम्पनियों के वारेन्यारे कर रही है। परन्तु इस बीमा योजना का किसानों को कोई लाभ नहीं मिला है। चन्द्रपाल सिंह ने कहा मोदी सरकार की सरकार के समय में ही किसानों ने आत्महत्या की दर  में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि उप्र की योगी सरकार के बूचड़खाने बन्द करने तथा केन्द्र सरकार द्वारा पशु बिक्री पर रोक लगाने से बिना दूध देने वाले की कीमतों में भारी गिरावट आयी है। जिसके कारण पशु पालक बर्बाद हो रहा है।

किसान सभा के जिला जगवीर सिंह भाटी ने कहा कि राज्य सरकार में सहकारी चीनी मिलों का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होने कहा कि जिले में किसानों के 5 हॉसपावर के कनेक्शनों पर 7.5 हॉर्सपावर का बिल वसूला का जा रहा है। जो पूरी तरह नाजायज है। फुंके ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं। बिजली बिलो में भारी बढ़ोतरी की जा रही है। प्रदर्शन से पूर्व जिले भर से आये किसान राजे बाबू पार्क में एकत्र हुए और सभा की। सभा को अशोक सिरोही, जगवीर सिंह, नौशाद अली, हरेन्द्र सिंह, महेन्द्र पाल शर्मा, जयभगवान शर्मा, अनिल कुमार, मीरपाल सिंह, मेघराज सिंह, मूलचन्द सिंह, अब्दुल हक, आदि ने भी सम्बोधित किया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मेघराज सिंह सोलंकी व संचालन जगवीर सिंह भाटी ने किया।

– अशोक शर्मा

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