प्यार पर भारी पड़ा पंचो का तुगलकी फरमान……


गांव गुराना में देखने को मिली अजीबो-गरीब पंचायत 

शामली : कहतें है कि प्यार की कोई सीमा नही होती। प्यार मजहब, उम्र और फासलें नही देखता, लेकिन यें बातें सिर्फ तरानों में ही अच्छी लगती है, क्योंकि यदि वेस्ट यूपी के हालातों को देखा जाए, तो यहां प्यार करना किसी बड़े गुनाह से कम नही है। कुछ ऐसा ही तब देखने को मिला, जब एक नाबालिग लड़का-लड़की के इश्क के खिलाफ पंचायत बैठ गई। पंचों ने अपना फैसला सुनाते हुए लड़का-लड़की को शादी कर गांव छोडऩे का फरमान दे डाला। पंचायत के फरमान के बाद यह मामला लोगों की जुबानों पर बना हुआ है। यह अनोखी पंचायत शामली जनपद के गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव गुराना में हुई है। बताया जाता है कि गांव के 16 साल के एक लड़के को छोटी सी उम्र में ही गांव में ही रहने वाली एक 17 वर्षीय लड़की से प्रेम हो गया। दोनों लुक-छिप कर एक दूसरे से मिलने लगे। परिजनों को जब दो नाबालिकों को हुए इश्क के रोग की जानकारी हुई, तो उन्होंने ऐतिहात के तौर पर दोनों के मिलने-जुलने पर पाबंदी लगा दी, लेकिन इसके बावजूद भी लड़का-लड़की मौका मिलने पर एक दूसरे से मिलते रहे। इस बीच उनके बीच प्यार ओर बढ़ गया, तो दोनों करीब छह दिन पूर्व एक दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाकर गांव से भाग निकले, हालांकि परिजनों ने भागदौड़ कर दोनों को खुद ही बरामद भी। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढऩे पर गांव में पंचायत बैठाई गई। शुक्रवार और शनिवार को हुई पंचायतों में पंचों ने नाबालिगों को गांव छोडऩे का फरमान सुना डाला। हालांकि पंचायत ने दोनों का रिश्ता तय कराने की अनुमति दे दी, लेकिन साथ ही नाबालिग युवक को गांव छोडऩे की हिदायत भी दे डाली

 

 

विवाह कर सकते हैं, लेकिन गांव में नही रहेंगे
पंचायत के संबंध में लिखित रूप से पंचायतनामा भी लिखा गया। पंचायत नामें में पंचों ने परिजनों की सिफारिश पर लड़का-लड़की की शादी तय कराने का फैसला तो दे दिया, लेकिन युगल को किसी भी कीमत पर गांव में नही रहने देने का फरमान भी सुनाया गया। पंचायत नामे में दोनों परिवारों को भी लड़का-लड़की से संबंध खत्म करने की चेतावनी दी गई है।

 

पंचायत हुई, लेकिन पुलिस को नही लगी भनक
नाबालिगों के प्यार से जुड़े मामले में गुराना गांव में पंचायत हुई, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नही लग पाई, हालांकि पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों के सामने छोटे मामलों पर भी पैनी नजर रखने का दावा करती है। गढ़ीपुख्ता थानाध्यक्ष साहब सिंह ने बताया कि गुराना गांव में पंचायत की सूचना पुलिस को नही है, उन्होंने बताया कि मामले की कोई शिकायत भी पुलिस को नही मिली है। शिकायत मिली, तो जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारी क्यों है खामोश….
नाबालिगों से जुड़े मामलें में जब जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का ब्यान लेने की कोशिश की गई, तो तुगलकी फरमान सुनाने वाली पंचायत के खिलाफ कोई भी अधिकारी मुंह खोलने के लिए तैयार नही हुआ। ब्यानों में पंचायतों में होने के वाले फैसलों के बजाय कानून को सर्वोपरि बताने वाले इन अधिकारियों की चुप्पी भी वेस्ट यूपी के हालातों की ओर इशारा करने वाली है।

– (दीपक वर्मा)

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