बाघ ने वन कर्मी को बनाया निवाला


पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वनकर्मी के केवल पैर मिलने से सनसनी फैल गयी। देखने से साफ लग रहा था। कि उसे मारकर किसी वन्य जीव ने मारकर खा लिया है। सूचना पर मौके पर पहुंचे टाईगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्र्काश के अनुसार मृतक दैनिक वेतन भोगी वन वाचर था। और इसे बाघ ने शिकार बनाया है।

वन वाचर पास के ही गांव अनवरगंज का रहने वाला था। मौत की सूचना पर सैकड़ो की संख्या में स्थानीय ग्रामीण जमा हो गये। आक्रोशित ग्रामीण टाईगर रिजर्व की वनकटी चौकी के आवास में घुस गये। और वन कर्मियों और उनकी महिलाओं तक की पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सख्ती कर मामले को संभाला।

पीलीभीत के टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ग्राम अनवरगंज का पैतालीस वर्षीय ताराचंद वन विभाग में दैनिक वेतन भोगी वाचर के पद पर तैनात था। मृतक के भाई मुनेन्द्र पाल ने बताया कि सोमवार की दोपहर ग्यारह बजे डयूटी पर जाने के बाद से नही लौटा था। परिजन रात से ही उसकी खोज कर रहे थे। रात में वन वाचर के न लौटने की सूचना पर टाईगर रिजर्व की टीम ने भी वन वाचर को जंगल में तलाशा। लेकिन वह नही मिला।

आज मंगलवार की सुबह जंगल में मानव शरीर के पैर मिले । और चारो ओर खून फैला हुआ था। पास ही पडे कपडों से परिजनों मे कोहराम मच गया। वाचर ताराचंद को बाघ के हमले में मारे जाने की सूचना पर सैकडो की संख्या में ग्रामीण जमा हो गये। मृतक के पैर देखते ही ग्रामीण उत्तेजित हो गये।

वनकटी चौकी में घुस गये। और वहां पर मौजूद वन कर्मियों की पिटाई लगा दी। इस दौरान भीड़ ने महिलाआंे को भी नही वक्शा वन कर्मी पिटाई के बाद बेहद ही धबरा गये और आवास छोडकर भागने लगे। टाईगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि रात से वाचर को ढूढंने के प्रयास किये गये थे। मृतक के परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की बात भी डीएफओ कह रहे है। फिलहाल साढे तीन लाख रूपये मुआवजे का ऐलान किया गया है।

– (महेश वर्मा)