आशा वर्कर का कलक्ट्रेट पर धावा


रुद्रपुर: उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा वर्करों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उनकी मांग थी कि गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने से घर से निकली गदरपुर की आशा कार्यकत्री की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। गौरतलब है कि गदरपुर के ग्राम रतनपुर की आशा हेल्थ वर्कर रेखा रानी 23 जुलाई को गर्भवती को अस्पताल पहुंचाने के लिए घर से निकली थी। सड़क में मौजूद गड्ढे में बाइक का पहिया चला गया, जिससे वह बाइक से गिर गई थी। परिणामस्वरूप रेखा की मौत हो गई थी। इस घटना से गुस्सायी आशा वर्करों ने गदरपुर में धरना दिया था। शुक्रवार को जिले भर की आशा वर्करों ने कलक्ट्रेट पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रोहित मीणा को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि रेखा स्वास्थ्य विभाग की आशा हेल्थ वर्कर थी। स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षित प्रसव कराने की जिम्मेदारी आशा हेल्थ वर्करों को सौंप रखी है। आशा हेल्थ वर्कर दिन रात गर्भवती महिलाओं के बुलावे पर जाती हैं और सुरक्षित प्रसव की अपनी जिम्मेदारी को निभाती हैं, लेकिन न तो उन्हें न्यूनतम वेतन मिलता है और न ही सरकारी कार्य करते वक्त हादसे में मौत होने पर उनके परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा मिलता है। आशा हेल्थ वर्कर सरकार की बंधुआ मजदूरों की तरह कार्य कर रही हैं। कहा कि गर्भवती महिला को लेकर जाते वक्त रेखा की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। प्रदर्शन करने वालों में यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप, जिलाध्यक्ष ममता पानू, कुलविंदर कौर, दिनेश तिवारी, कमला परमजीत, कमलेश, सुमन, मनैती देवी, प्रकाश बाई, सुरेंदर कौर आदि मौजूद थी।

– सुरेन्द्र तनेजा

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend