खनन नीति बनाने में सरकार विफल: नेगी


देहरादून: स्थानीय होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जी.एम.वी.एन. ने पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि डबल इंजन की इंजन रहित सरकार खनन पॉलिसी बनाने में नाकाम साबित हुई है, जिसका सबसे बड़ा कारण प्रदेश के मुखिया की अनुभवहीनता एवं सरकारी मशीनरी पर पकड़ न होना है। श्री नेगी ने हैरानी जतायी कि केन्द्र व राज्य में दोनों जगह भाजपा की सरकार है, लेकिन प्रदेश का पक्ष केन्द्र के आगे रखने में टीएसआर सरकार पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है, जिसका खामियाजा आज लोग 8 हजार से लेकर 20 हजार रूपये में ट्रॉली, ट्रक से खनिज की खरीददारी कर भुगत रहे हैं।

प्रदेश की जनता रेत-बजरी-पत्थर के लिए मारी-मारी फिर रही है तथा मजबूरन चोरी-छिपे उस उपखनिज को सोने के भाव खरीद रही है। श्री नेगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के साथ यह दिक्कत थी कि प्रदेश व केन्द्र में भिन्न-भिन्न पार्टी की सरकारें होती थी। जिस कारण प्रदेश की बात को अनसूना कर दिया जाता था। प्रदेश में जितनी भी सरकारें बनी, सभी सरकारों ने भण्डारण व निजी नाप भूमि के पट्टे आवंटित किये, जिसमें सरकार को राजस्व के नाम पर कुछ भी हासिल नहीं हुआ, लेकिन खनन माफिया रातों-रात लखपति, करोड़पति बन गये।

जन संघर्ष मोर्चा सरकार से मांग करता है कि खनन, चुगान के मामले में प्रदेश का राजस्व बढ़ाने व जनता को सस्ती दर पर उपखनिज उपलब्ध कराने की दिशा में सरकारी निगमों, एजेन्सियों के माध्यम से नदियों में पट्टे आवंटित कर जनता को राहत प्रदान करने का काम करें। अब तक चली आ रही पॉलिसी के तहत आवंटित निजी नाप भूमि के पट्टे व भण्डारण केन्द्रों पर तत्काल रोक लगाने का काम करें।

– सुनील तलवाड़