आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा


नैनीताल: मानसून पूर्व आपदा प्रबंधन तैयारियों, बाढ़ नियंत्रण एवं भूमि कटाव के संबंध में जिलाधिकारी दीपेन्द्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी अधिकारी वर्षाकाल में बिना बताये अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि नदी, नालों व संवेदनशील स्थानों पर रहने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से सुरक्षित स्थानों पर जाने हेतु नोटिस उपलब्ध कराये जायें। उन्होंने कहा तहसील स्तर पर बनाये गये आपदा कन्ट्रोल रूम चैबीस घंटे संचालित हों व वहां कार्मिकों की तैनाती की जाये।

उन्होंने कहा कि कन्ट्रोल रूमों में फोन, फैक्स व मेल की उपलब्धता होनी चाहिये। आपदा के मध्येनजर प्रत्येक गावों के 10-10 व्यक्तियों केा मोबाइल नंबर होने चाहिये ताकि आपदा के समय गांव के लोगों से संपर्क  किया जा सके।  उन्होंने कहा आपदा के समय राहत कैम्पों, राहत शिविरों, पशु शिविरों आदि के लिये जगह का चिन्हिकरण अभी से कर लिया जाय। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश देते हुये कहा कि सभी स्वास्थ केन्द्रों पर आवश्यक दवाओं के साथ सर्पदंश व कुत्ते के काटने के उपचार हेतु एनटी रेबीज होने आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि बाढ़ क्षेत्रों में गोताखोर की तैनाती भी की जाय साथ ही उन क्षेत्रों में राहत कार्यो हेतु अस्थाई हैलीपैड भी चिन्हित किये जायें।  उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिकारी को निर्देश देते हुये कहा कि आपदा प्रबंधन के अन्तर्गत ऐसे उपकरण खरीदे जायें जिनका उपयोग बार-बार होता हो। सभी तहसीलों व थानों में आपदा से संबंधित उपकरण अभी से रख लिये जायें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि बरसात के सीजन में जो सड़कें बंद हो जाती हैं वहां जेसीबी भी रखी जाय।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय कार्य कराने हेतु प्राइवेट जेसीबी मालिकों से भी संपर्क करने हेतु उनके मोबाइल नंबर अवश्य रखें। उन्होंने कहा सभी नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी अपने क्षेत्र में पडऩे वाले नालों की नियमित सफाई करायें ताकि बरसात के समय जलभराव ना हो।

उन्होंने कहा इस कार्य हेतु नगरपालिका, सिंचाई व लोक निर्माण विभाग आपसी सांमजस्य बनाकर कार्य करें। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि जो विद्युत के तार पेड़ों को छू रहे हों उनकी लैपिंग समय-समय पर कराते रहे। उन्होंने कहा जिन नालों में पानी नहीं बह पा रहा है उन्हें चैनेलाइज करें। उन्होंने कहा कि बरसात में लोगों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिये जल संस्थान पेयजल योजनाओं, नलकूपों आदि की स्थिति का आंकलन करते हुये मरम्मत कार्य करें।

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