ऋषि विरासतों को मिल रहा वैश्विक गौरव


हरिद्वार: पतंजलि योगपीठ परिसर में श्रावणी पर्व पर आचार्यकुलम् के नव प्रवेशार्थी बच्चों के वैदिक उपनयन व वेदारम्भ संस्कार के साथ प्रारम्भ कार्यक्रम का आज वैदिक स्वर लहरियों के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक यज्ञ से हुआ। उपस्थित बहिनों ने राष्ट्र, संस्कृति एवं मानवता की रक्षा के संकल्प के साथ एक दूसरे की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे, साथ ही आचार्यकुलम् के अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज एवं आचार्य बालकृष्ण महाराज ने वेदमन्त्रों के साथ उपनयन व वेदारम्भ संस्कार संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित देश के कोने-कोने से श्रावणी व रक्षाबंधन पर्व मनाने पतंजलि पहुंचे हजारों कार्यकर्तागण, विश्वविद्यालय एवं आचार्यकुलम के छात्र-छात्राओं के अभिभावक, सेवाव्रती भाई-बहिनों ने वैदिक यज्ञ एवं उपनयन वेदारम्भ संस्कार समारोह में सहभागिता कर नव प्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनायें दीं। स्वामी रामदेव महाराज ने सभी विद्यार्थियों को नव जीवन के लिए विकल्प रहित संकल्प व अखण्ड प्रचण्ड पुरुषार्थ करने का संकल्प दिलाया। साथ ही अपने संस्कृति एवं राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को पाने के लिए इसे जीवन में मंत्र रूप में प्रयोग करने पर बल दिया। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने सभी विद्यार्थियों को अपने आशीर्वाद में सभी को तपनिष्ठ जीवन जीते हुए स्वामी जी के विशेष शिक्षा अनुष्ठान को आगे बढ़ाने हेतु प्रेरणायें जगायीं।

– संजय चौहान