किसानों की आत्महत्या की घटनाएं चिंताजनक


हल्द्वानी: प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकारों से वार्ता करते हुये कहा कि राज्य में किसानों की आत्महत्या की घटनाएं काफी चिंताजनक हैं। किसानों की आत्महत्याओं को लेकर कांग्रेस बुधवार को रुद्रपुर में विशाल धरना-प्रदर्शन करने जा रही है। यदि इसके बाद भी आत्महत्या की घटनाएं नहीं रुकी तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। रावत ने कहा कि राज्य में कृषि उत्पाद का आधा बाजार लॉक हो गया है। यदि यही स्थिति रही तो बागवानी विलुप्त हो जायेगी। कृषि विभाग का विलय किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, जो कि बागवानी का विध्वंसीकरण है।

उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय कन्या धन, मेरी कन्या योजना के अन्तर्गत पात्रों को बेटी के जन्म होने पर पांच हजार, गौरा देवी योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिये 50 हजार एवं नन्दा देवी योजना के माध्यम से आर्थिक मदद प्रदान की जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार द्वारा योजनाओं में की गई कटौती के चलते गौरा देवी योजना के तहत पात्रों को 32 हजार से ज्यादा का लाभ नहीं दिया जा रहा है। भाजपा सरकार ने कांग्रेस की योजनाओं में 108 करोड़ की कमी कर दी है। रावत ने कहा कि भाजपा ने एपीएल कार्ड धारकों के हित में दो दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय दिये हैं, जिसके तहत 200 करोड़ रुपया बचाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि एपीएल कार्ड धारकों को पूर्व में 4 रुपये प्रति किलो गेहूं दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 8 रुपये 60 पैसे कर दिया गया है। वहीं 9 रुपये में मिलने वाले 10 किलो चावल को भाजपा सरकार ने 15 रुपये किलो कर दिया है। इतना ही चीनी एवं मिट्टी तेल पूर्ण रूप से बंद हो गया है। पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, दान सिंह भंडारी, प्रयाग दत्त भट्ट, नारायण पाल, राहुल छिमवाल, खजान पांडे, भोलादत्त भट्ट, हरीश मेहता, एनबी गुणवंत, हर्ष पांडे आदि मौजूद थे।

– संजय तलवाड़