कर्ज माफी न करने से भड़के किसान


सितारगंज: वायदे के अनुसार कर्ज माफी न किये जाने से भड़के किसानों ने जुलूस निकालकर धरना दिया। बाद में तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। किसान लघु एवं सीमान्त किसान संघर्ष समिति के बैनर तले तहसील पहुंचे। वहां धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। किसानों ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में सरकार को ऋण माफी कराने की मांग की गई। इसके बाद किसान जुलूस की शक्ल में उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां किसानों ने महापंचायत की। वहां हुई सभा में विभिन्न जनप्रतिनिधियों व काश्तकारों ने वित्तमंत्री अरुण जेटली के किसानों के खिलाफ दिए गए विवादित बयान पर खासा रोष जताया। उनका आरोप था कि किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा हैं।

यदि उनकी समस्याओं का समाधान न हुआ तो सरकार की ईंट से ईंट बजा दी जायेगी। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने किसानों से वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनी तो कर्ज माफ किया जायेगा। साथ ही फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाकर किसानों को विकास के मार्ग पर बढ़ाया जायेगा। आरोप लगाया गया कि भाजपा सरकार प्रदेश के किसानों के साथ भेदभाव कर रही हैं। अन्य राज्यों में किसानों का ऋण माफ किया जा रहा है लेकिन उत्तराखंड का नहीं हो रहा। मांग की गई कि सरकार शीघ्र ऋण माफी की नीति बनाये अन्यथा आंदोलन तेज किया जायेगा। इस मौके पर जीके मंडल, कांता प्रसाद सागर, भगवान पाण्डेय, सूरजभान, गोलक विश्वास, राखी सरकार, शकुन्तला देवी, दुलाल सरदार, हरल बढ़ई, चक्रधर मिस्त्री, गुुरचरन, गोविन्द मंडल, ज्योतिष मंडल, विनोद राणा, कर्ण मंडल, मनोज राणा, त्रिलोक सिंह आदि मौजूद थे।

– रमेश यादव