कलियुग में सबसे सरल शिव आराधना


रुद्रपुर: पवित्र सावन में श्री लक्ष्णी नारायण पांच मंदिर में सनातन धर्म सभा द्वारा प्रति दिन शिव महापुराण की कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास पंडित रामदेव मिश्र ने शिवलिंग के प्रकट होने की कथा सुनाई। ब्रह्मा, विष्णु जब आपस में झगड़ा करने लगे तो उसे मिटाने के लिए सदा शिव निराकार ज्योतिलिंग के रूप में प्रगट हुए, जिस तिथि में प्रगट हुए वही तिथि महाशिव रात्रि के नाम से विख्यात हुई।
जब से आज तक शिव भक्त महा शिवरात्रि को धूमधाम से मनाते हैं।

कथा व्यास ने बताया कि सबसे बड़ी बात यह है कि भक्त पूजा तो करते हैं, लेकिन रात्रि में चार प्रहर पूजा करना आवश्यक शिव महापुराण के अनुसार अगर कोई भक्त महा शिवरात्रि की चार प्रहर पूजा कर लेता है। फिर उसके जीवन में किसी प्रकार के सुखों की कमी नहीं रहती। उधर विधायक ठुकराल ने घोषणा की कि मंदिर हाल में लगने वाले पत्थर की प्रथम किस्त पांच लाख पूर्व घोषणा के अनुसार 31 जुलाई तक रिलीज हो जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पूर्व घोषणा के अनुसार श्री सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज हेतु भी 31 जुलाई तक तीन लाख रुपये रिलीज कर दिए जाएंगे।