हरिद्वार में जीरो जोन व्यवस्था कागजों तक सिमटी


हरिद्वार: पुलिस प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते हरकी पैड़ी मार्ग पर जाम से मुक्ति दिलाने को बनाई गई जीरो जोन व्यवस्था कागजों तक सिमट कर रह गई है। चंद पैसों की खातिर आसानी से वाहनों को जीरो जोन में जाने दिया जाता है। इसका खामियाजा आमजन को जाम के रूप में झेलना पड़ रहा है। गौरतलब है कि हरिद्वार में मेले, स्नान, कुंभ, अर्द्धकुंभ समेत अन्य बड़े आयोजनों पर भीड़ रहती है। इससे बचने के लिए लोग शहर के अंदर से बने हरकी पैड़ी मार्ग से वाहन लेकर ब्रह्मकुंड तक पहुंचते थे। इससे यातायात व्यवस्था संभालना काफी मुश्किल होता था।

इसे देखते हुए अधिकारियों ने राज्य गठन के बाद हरकी पैड़ी मार्ग को जीरो जोन घोषित किया था। बकायदा, पोस्टऑफिस के बाहर से पुलिसकर्मियों को तैनात कर बेरीकेडिंग लगाकर जीरो बना दिया था, ताकि स्थानीय लोगों को छोड़कर अन्य किसी का वाहन इस मार्ग से ब्रह्मकुंड तक नहीं जा सके। अब आयोजनों के दौरान तो जीरो जोन पर सख्ती से पालन किया जाता है, लेकिन सामान्य दिनों में इस ओर संजीदगी नहीं दिखाई जाती है। आलम यह है कि पुलिसकर्मी वाहनों को रोकने के बजाय आसानी से प्रवेश देते हैं।

इससे शहर के अंदर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यही नहीं जाम से निपटने के लिए अधिकारियों ने अप्रैल 2017 में शिवमूर्ति तिराहे को वन वे लागू कर दिया था। कुछ दिन तो यातायात व्यवस्था सुचारु रही, लेकिन इसके बाद शिवमूर्ति तिराहे पर ड्यूटी नहीं लगने से टैंपो संचालकों की मौज आ गई। अब धड़ल्ले से बैटरी रिक्शा, ऑटो, विक्रम, टैक्सियां जीरो जोन क्षेत्र में खड़ी होकर सवारियां भर रही हैं। इसका नतीजा यह है कि हरिद्वार इन दिनों जाम से बेहाल रहता है। इस बाबत सीओ यातायात मनोज कत्याल ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण पहले समस्या थी। अब पुलिसकर्मी तैनात किए हैं, जो वाहनों को रोक रहे हैं। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।

– संजय चौहान

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