येचुरी ने लिखी मोदी को चिट्ठी


नई दिल्ली : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट (माकपा) पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने सरकार से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने का अधिकार देने संबंधी एक कानून संसद के मानसून सत्र में बनाने की मांग की है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की वार्षिक समीक्षा की जाए। येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि उनकी सरकार ने चुनाव में न्यूनतम समर्थन मूल्य का डेढ़ गुना देने का वादा किया था लेकिन पिछले तीन साल में उन्होंने इस वादे का पूरा करने के लिए कोई काम नहीं किया और वर्तमान न्यूनतम समर्थन मूल्य से किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा है।

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उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि भारतीय खाद्य निगम और नैफेड भी वर्तमान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज नहीं खरीद रहे हैं जिससे किसानों को अपना अनाज बाजार में घाटे में बेचना पड़ रहा है। माकपा नेता ने मोदी का ध्यान पिछले तीन साल में हजारों किसानों की आत्महत्या की ओर दिलाया है और इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि आए दिन किसी न किसी राज्य में किसानों का विरोध और आंदोलन बढ़ता जा रहा है लेकिन सरकार ने इस मुद्दे पर न केवल उदासीनता बरती है बल्कि चुप्पी भी साध रखी है। इतना ही नहीं, भाजपा शासित राज्य सरकारों ने पुलिस के माध्यम से गरीब किसानों का दमन भी किया है।

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पिछले दिनों मध्यप्रदेश में 6 किसानों ने अपनी जान गंवाई है तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इलाके में कई किसानों ने आत्महत्या भी की है। येचुरी ने महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार द्वारा किसानों की जायज मांगों पर दमन लिए जाने पर भी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि किसानों के साथ वहां की सरकार ने उनकी मांगों को लेकर जो समझौता किया था, उसका पूरा पालन नहीं हो रहा है और किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे 26 जुलाई से आंदोलन करेंगे।

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उन्होंने PM मोदी से अनुरोध किया कि किसानों के संकट को देखते हुए संसद के मानसून सत्र में एक ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपने अनाज बेचने का अधिकार मिल जाए और सुनिश्चित किया जाए कि कृषि मूल्य आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप लागत मूल्य से कम से कम पचास प्रतिशत से अधिक मूल्य पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय हो।

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