योगी ने गोरखपुर BRD कालेज मामले में तोड़ी अपनी चुप्पी


गोरखपुर के एक अस्पताल में पिछले दो दिनों में 33 से भी अधिक बच्चों की मौत की घटना पर यूपी सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस घटना को लेकर योगी सरकार ने कहा कि गोरखपुर के BRD कालेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के बाद सरकार कदम उठा रही है।

वहीं यू पी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों की मौत के लिए गंदगी को जिम्मेदार ठहराया है। इलाहाबाद के यमुना पार इलाके में गंगा ग्राम सम्मलेन कार्यक्रम में आए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में हो रही मौत के पीछे भी गंदगी एक बड़ी वजह है । उन्होंने कहा कि सेप्टी टैंक लोगों घरों में बनाते हैं। जगह की कमी की वजह से गंदगी फैलती है और फिर यह भयावह रूप ले लेता है।

हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ।

वही आज योगी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने गोरखपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कि और कहा कि ये घटना गंभीर है हमारी सरकार संवेदनशील है । मुख्यमंत्री ने हमसे बात की । किसी ने ऑक्सीजन सप्लाई के बारे में नहीं बताया । अगस्त में हर वर्ष बच्चों की मौत होती है। हॉस्पिटल में नाजुक बच्चे आते हैं । साल 2014 में 567 बच्चों की मौत हुई सीएम के दौरे पर गैस सप्लाई को लेकर बात हुई । वही अलग-कारणों से बच्चों की मौत हुई । ऑक्सीजन सप्लाई का मुद्दा देख रहे हैं । ऑक्सीजन गैस सिलेंडर शाम साढ़े 7 बजे से रात साढ़े 11 बजे तक ही चले । ऑक्सीजन की अब कोई कमी नहीं है ।

वही ये भी कहा कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मौत नहीं हुई है । मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई । घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वहीं डीएम ने 5 सदस्यीय टीम गठिक की जो कि आज अपनी रिपोर्ट सौंपेगी ।

दूसरी तरफ PMO ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री कार्यालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है साथ ही राज्य और केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों से लगातार संपंर्क में है।

इससे पहले हॉस्पिटल की तरफ से आई एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि पिछले 5 दिनों में अस्पताल में 60 मौते हो चुकी हैं।

हालांकि प्रशासन इस बात से इन्कार कर रहा है कि यह मौतें आक्सीजन की कमी से हुई हैं। मीडिया में आई मेडिकल कॉलेज के एनएचएम वार्ड नं 100 के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट में बताया गया है कि 7 अगस्त को अस्पताल में 9 लोगों की मौत हुई जिसके बाद 8 तारीख को 12, 9 तारीख को 9, 10 तारीख को 23 और 11 तारीख को 7 मरीजों की मौत हो गई। दावा है कि 11 तारीख को चिकित्सकीय कारणों से 7 मरीजों की मौत हुई है।

पूरे घटनाक्रम के बीच एक चिट्ठी सामने आई है जिसमें ऑक्सीजन की कमी होने की सूचना दी गई थी। सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स ने 1 अगस्त को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर बकाया ना देने की स्थिति में ऑक्सीजन सप्लाय बाधित करने की चेतावनी दी थी। वहीं सेंट्रल पाइप लाइन के कर्मचारियों ने भी चेताया था कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी है और कोई कदम नहीं उठाए गए तो मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।

वही ये भी कहा कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मौत नहीं हुई है । मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई । घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं. वहीं डीएम ने 5 सदस्यीय टीम गठिक की जो कि आज अपनी रिपोर्ट सौंपेगी ।

शुक्रवार रात 11 बजे तक 2 और बच्चों की मौत हो गई, जिससे संख्या बढ़कर 32 हो गई। पहले ये संख्या 30 थी। शनिवार सुबह इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 11 साल के एक और बच्चे की मौत हो गई। जिससे अब मृतकों की संख्या 33 हो गई है।

दरअसल, ये घटना गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की है, जहां मरने वालों में 13 बच्चे एनएनयू वार्ड और 17 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी।

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