मोदी जी आप आईकोन हो यूथ के…


भारत को बहुत से प्रधानमंत्री मिले। सबने अपनी सोच और समझ से नारे दिए जैसे ‘जय जवान, जय किसान, ‘गरीबी हटाओ’ आदि। यह पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने देश की बेटियों के लिए न केवल नारा दिया-‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ बल्कि बेटियों के लिए शौचालय, गैस और सिलेंडर भी दिलवाए। बेरोजगार मुक्त भारत बनाने के लिए स्किल इंडिया, भारत कौशल विकास, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया का न केवल नारा दिया अपितु आये दिन काम भी हो रहे हैं। भारत इस समय युवाओं का देश है। हम सब यह जानते हैं कि युवा पीढ़ी काफी स्मार्ट हो गई है। अब जमाना हाईटेक है और युवा वर्तमान दौर के प्रतीक हैं। काफी बदल चुकी दुनिया में उनका हाईटेक अन्दाज स्वाभाविक ही है। स्मार्ट फोन, नए-नए ऐप से कई समस्याएं चुटकी में हल हो जाती हैं। आपसी सम्पर्क इतना बढ़ गया है कि पलभर में सूचनाओं का आदान-प्रदान हो जाता है।

युवाओं के ग्रुप में भी सबसे प्रभावशाली वही युवा है जिसके पास अधिक इन्फोर्मेशन है और डिजिटल संसार इन्फोर्मेशन का महासमुद्र है। डिजिटल क्रांति शहरों से लेकर गांवों तक पहुंच चुकी है। आज के युग में दुनिया एक स्माल विलेज बन गई है। यहां तक कि अश्विनी जी के संसदीय क्षेत्र में तकरीबन हर युवा से जुड़ी हूं। फेसबुक, टिवटर संचार का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहे हैं। आज के सोशल मीडिया को लोकतंत्र का पांचवां स्तम्भ भी माना जाने लगा है। यह बात सही है कि भारतीय युवा दुनिया के साथ ताल से ताल मिलाकर चल रहा है और अनेक भारतीय अमेरिका और विदेशों में बैठकर आईपी प्रोफैशन के तौर पर काम कर रहे हैं। हम दिन-रात सोशल मीडिया पर लगे रहते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का वक्त ही नहीं मिलता है। स्मार्टनेस जरूरी है लेकिन हमें अपनी वास्तविकताओं, नैतिक मूल्यों, सामाजिक और पारिवारिक संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए।

समाज में जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं वे चिन्ता का विषय हैं। अब युवा स्मार्ट सिटी चाहते हैं और हर जगह वाई-फाई चाहते हैं। यह बातें ठीक हैं परन्तु रोज महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार, रेप, बलात्कार, बाल काटना जैसी शर्मनाक घटनाएं हमारे सामने आ रही हैं। युवाओं के पास रोजगार नहीं। हमारी प्रतिभाओं के पास काम नहीं तो वह पलायन भी कर जाते हैं। ओबामा जैसे अमेरिकी प्रेजीडेंट ने कहा था कि भारत के बच्चे जो अमेरिका शिक्षा लेने आते या बड़ी-बड़ी कम्पनियों के सीईओ हैं, वह अमेरिका के यूथ से कहीं आगे हैं और देश का भविष्य उसका यूथ ही होता है, यह हमारे लिए गर्व की बात थी। परन्तु काफी युवा विवेकानन्द की बजाय मैडोना, इमरान हाशमी जैसे लोगों को आदर्श मानते हैं। अमीर बनने के लिए शार्टकट रास्ते युवाओं को भटका रहे हैं।

हमारा यह भी मानना है कि देश की आजादी की लड़ाई में भगत सिंह , सुखदेव, राजगुरु, रामप्रसाद बिस्मिल तथा वीर सावरकर जैसे यूथ की एक अहम भूमिका रही है। देश से प्यार और आजादी का जुनून ही उनके संस्कार थे। आज कहीं न कहीं संस्कारों की कमी आ रही है। आज मुश्किल यह भी है कि बहुत बड़ी-बड़ी रैलियां होती हैं, राजनीतिक आंदोलन भी लेकिन समाज सुधार और चरित्र निर्माण के लिए कोई बड़ा अभियान किसी ने नहीं चलाया, जिस कारण समाज के हर क्षेत्र में विकार भी पैदा हो रहे हैं। भारत विकास परिषद, एकल विद्यालय और वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब इस ओर कोशिश कर रहे हैं। समाज के विकास के लिए मनुष्य का अपनी संस्कृति, संस्कार और देश से गहरा रिश्ता होना जरूरी है।

समाज में राष्ट्र के प्रति प्रेम पैदा करने का काम, संस्कार देने का काम या तो मां करती है या फिर शिक्षक या फिर कोई महानायक और मुझे लगता है वह महानायक मोदी जी के रूप में हमारे सामने हैं। मेरे तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा, जो अश्विनी जी के एमपी बनने के बाद सारा ऑफिस सम्भाल रहा है, के लिए मोदी आईकॉन हैं। छोटे दोनों जुड़वां बेटे, जो पिछले साल अपनी एमबीए लन्दन से करके आए हैं, उनमें अर्जुन के लिए उनका प्रोफेशन स्पेशियली डिजिटल वर्क, नए-नए ऐप, वेबसाइट में काम करना है। तीसरा आकाश, जो जयपुर कार्यालय सम्भाल रहा है, बिजनेस को कैसे आगे बढ़ाना है इसमें पूरी तन्मयता से प्रयत्नशील है। हालांकि तीनों की सोच व काम अलग हैं पर एक बात कॉमन है- संस्कार जो उन्होंने अपने माता, पिता, दादा, अमर शहीद रमेश जी, दादी और पड़दादा अमर शहीद लाला जगत नारायण से लिए।

देश के प्रति नैतिक मूल्य भी हैं और माडर्न भी हैं। आज मोदी जी यूथ के महानायक हैं या यूं कह लो सारे देश के महानायक। मैं जब गांवों में जाती हूं तो यूथ को मोदी के नाम पर पागल हुए देखती हूं। कैसे सब कानों में रेडियो लगाकर ‘मन की बात’ सुनते हैं, कैसे जब मोदी जी विदेश जाते हैं तो टी.वी. से जुड़कर उनके भाषण सुनते हैं, कैसे मोदी पर गाने बनाए हैं। छोटे होते लड़के-लड़कियों को राजेश खन्ना (अभिनेता) के लिए पागल-दीवाने होते देखा था, आज मोदी के लिए देख रहे हैं। तो मोदी जी अब आप यूथ को देश के प्रति और संस्कारों के प्रति जागृत करवाएं। मुझे पूरा विश्वास और यकीन है कि आप इसमें भी कामयाब होंगे।

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