अब होने लगी है समंदरों की तलाशी


कोई वक्त था-यह शे’र काफी लोकप्रिय हुआ था :
”जिन्होंने लूटा, सरेआम मुल्क को अपने
उन लफंडरों की तलाशी कोई नहीं लेता
गरीब लहरों पर पहरे बैठाये जाते हैं
समंदरों की तलाशी कोई नहीं लेता।”
लेकिन देश के लोगों को संतोष हो रहा है कि अब देश को लूटने वालों की तलाशी भी हो रही है और उनके समंदरों की कुर्की भी हो रही है। विपक्ष भले ही कुछ भी आरोप लगाता रहे लेकिन सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग अब बड़े लोगों पर शिकंजा कस ही रहा है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों की 175 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति जब्त कर ली गई है। आयकर विभाग ने जब्त की गई सम्पत्तियों का ब्यौरा भी जारी कर दिया है।
लालू यादव एंड संस, लालू यादव एंड डॉटर्स यानी पूरे कुनबे पर जो गम्भीर आरोप लग रहे हैं उसकी जांच हो रही है और प्याज के छिलकों की तरह सब कुछ उधड़-उधड़ कर सच सामने आ रहा है। अब आयकर विभाग के नोटिसों का जवाब तो लालू परिवार को देना ही होगा।
लालू जी एक बार फिर चर्चा में हैं, कहते हैं वह मर्द हैं, मर्द की जुबां को कोई मोदी सरकार या उसकी सीबीआई बंद नहीं कर सकती। वैसे राजनीति में लालू जैसा दूसरा व्यक्तित्व खोजना मुश्किल है। आज के दौर में लोग चिंता और विषाद में मरे जा रहे हैं, सभी के चेहरों पर तनाव है लेकिन लालू बेखौफ होकर बोल रहे हैं। किस बात का तनाव, राजनीति में मुख्यमंत्री हो लिए, केन्द्रीय मंत्री हो लिए, रेलवे मंत्री रहते प्रबंधन गुरु का खिताब हासिल कर लिया कि हावर्ड यूनिवर्सिटी में भी लैक्चर दे आए। अपने दोनों बेटों को बिहार का मंत्री बनवा दिया। इससे अधिक एक राजनीतिज्ञ की महत्वाकांक्षा क्या हो सकती है। उम्र का अंतिम पड़ाव जेल में भी बीत जाएगा तो क्या फर्क पड़ेगा। हजारों करोड़ की नामी-बेनामी सम्पत्ति में से कुछ निकल भी जाए तो मान लेंगे सियासी व्यापार में कुछ देर मंदा आ गया था।
लोग तो फालतू में बावेला मचाए हुए हैं, बोल-बोल कर थक जाएंगे। लालू जी तो महान व्यक्तित्व हैं जिन्होंने सारा जीवन साम्प्रदायिकता के विरोध में लडऩे में बिता दिया, सामाजिक न्याय के लिए जूझते रहे और विद्यार्थियों में वह सर्वप्रिय रहे। वह तो साम्प्रदायिक सौहार्द के पुरोधा माने जाते हैं।
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर पिछले दिनों एक के बाद एक आरोप लगे। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी हर हफ्ते नया खुलासा कर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए लोगों को रेलवे में नौकरी का लालच देकर काफी सम्पत्ति इक की। एक व्यक्ति ने रेलवे में नौकरी के बदले पटना में अपनी जमीन लालू परिवार के नाम कर दी जिस पर 36 फ्लैट बनाए गए, इनमें से आधे 18 फ्लैट राबड़ी देवी के नाम हो गए। यह भी आरोप लगाया गया है कि लालू के मवेशियों की देखभाल करने वाले ललन चौधरी ने 68 लाख रुपए का बेनामी भूखंड तोहफे के तौर पर लालू की पांचवीं बेटी को दिया, जबकि ललन चौधरी का नाम बीपीएल सूची में शामिल है।
आज वह बिहार में महागठबंधन के शिल्पकार हैं, जिन्होंने राज्य में मोदी के विजय रथ को रोक दिया। देश के लोगों को महान व्यक्तित्व के बारेे में जानने का हक तो होना ही चाहिए।
कुछ प्रश्र-लालू जी सारे भारत में क्यों चर्चित हुए।
– उन पर बिहार और झारखंड में कितने केस किस-किस थाने में दर्ज हुए?
– चारा घोटाले में वह कितनी बार जेल जा चुके हैं।
– हाईकोर्ट ने आज तक उनकी सरकार के बारे में कितनी टिप्पणियां कीं?
– उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में चम्पा विश्वास बलात्कार कांड हुआ, उसके मुख्य आरोपी कौन थे?
– शिल्पा जैन बलात्कार कांड, पत्रकार नगर बलात्कार कांड किसके राज्यकाल में हुए और उसके आरोपी कौन थे?
– कृष्णैया नामक एक आईएएस अधिकारी की हत्या किन परिस्थितियों में हुई?
– जंगलराज की परिभाषा क्या है?
शायद कुछ प्रश्र छूट गए हों, इन सवालों का जवाब कौन देगा? सवाल पूछने में कोई हर्ज नहीं। महान लोगों का गुणगान होना ही चाहिए।

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