‘चपरासी’ से ‘अरबों का मालिक’ कैसे बना ये शख्स, कामयाबी की कहानी पर कसा शिकंजा


दुनिया में दो तरह के लोग होते है, एक जो पैसा कमाने के लिए मेहनत करते है और दुसरे जो गलत तरीके से धन जमा करते है पर फर्क ये है की गलत तरीके से जमा किया गया धन ज्यादा दिनों तक ख़ुशी नहीं दे पता और इंसान को गलती की कीमत चुकानी पड़ती है। आपने कई बड़े अधिकारियों को भ्रष्ठाचार के केस में अंदर जाते हुए देखा होगा।

इस लिस्ट में एक नाम और जुड़ गया है। ये है राजस्थान के जयपुर में जेडीए में कार्यालय अधीक्षक पद पर तैनात मुकेश मीणा जिनके कई ठिकानों पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शुक्रवार को छापेमारी की।

इस अधिकारी के ऑफिस और बंगले समेत चार अलग ठिकानों पर छापामारी की गयी है जिसमे अब तक 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

वैसे तो मीणा ने 20 साल की नौकरी में सौ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बटोरी है पर इससे ज्यादा हैरानी की बात है की मुकेश मीणा एक चपरासी के तौर पर भर्ती हुए थे और वहां से प्रमोशन लेते हुए कार्यालय अधीक्षक के पद तक पहुंचे है। इस बात का शक भी जताया जा रहा है की इनकी इस तरक्की के पीछे भी भ्रष्टाचार का हाथ माना जा रहा है।

सरकारी दफ्तर में बाबू बनने के बाद मुकेश मीणा की लाइफ स्टाइल बिलकुल बदल गयी थी उनके पास कई लक्ज़री गाड़ियां है जिन्हें अब जब्त कर लिया गया है। इनके ठिकानों से एसीबी की टीम को कई अहम दस्तावेज़ भी मिले है जिनके कई बड़े लेनदेन से जुडी जानकारियां शामिल है।

मुकेश मीणा का चपरासी से करोड़पति बनने तक का सफर बड़ा ही फिल्मी है। आपको बता दें कि जयपुर विकास प्राधिकरण में कार्यालय अधीक्षक मुकेश मीणा वर्ष 1991 में मृतक आश्रित कोटे में चपरासी के पद पर जेडीए में नियुक्त हुआ था। उसके पिता लल्लू लाल मीणा जेडीए में अकाउंटेंट थे। उनके निधन के बाद मुकेश को जेडीए में चपरासी बनाया गया। 1998 में मुकेश मीणा को एलडीसी पद पर नियुक्ति मिली।

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend