ये है दुनिया के 4 सबसे ताकतवर और प्राचीन धर्म, विश्वभर में है अरबों अनुयायी


धर्म की बात की जाए तो आस्था का विषय होने की वजह से चर्चा बड़ी सावधानी से करनी पड़ती है। आजकल आपने धर्म के आधार पर भेदभाव जैसी घटनाओं का जिक्र काफी सुना होगा। लेकिन ऐसा नहीं है की इस तरह की असहिष्णुता आज के दौर में ही देखने को मिल रही है। धर्म की ताकत बढ़ाने और धार्मिक वर्चस्व के विस्तार का इतिहास बहुत पुराना है। इसी वर्चस्व की लड़ाई के चलते लाखो करोड़ों इंसानो को हानि पहुंची है। आज हम आपको बताने वाले है विश्व में सबसे ताकतवर धर्मों के बारे में जिनका प्रभाव विश्व में काफी प्रबल रहा है।

1. ईसाई धर्म: दुनिया में सबसे ताकतवर धर्म माना जाने वाले ईसाई की शुरुवात आज से लगभग 2000 साल पहले की गयी थी। ईसा मसीह को ईसाई धर्म का संस्थापक माना जाता है, जिन्हे जीसस क्राइस्ट भी कहा जाता है।

इस धर्म के लोग रोमन कैथोलिक,पूर्वी रूढ़िवाद प्रतिवादी पंथ के लोग होते है। माना जाता है दुनिया में ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। पूरी दुनिया में इस धर्म के 2 अरब से अधिक अनुयायी है।

2.हिन्दू धर्म : भारत के प्रमुख धर्म के रूप में मशहूर हन्दू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म माना जाता है। इस धर्म का कोई संस्थापक भी नही है।इस धर्म के मुख्य ग्रन्थ वेद,गीता,रामायण आदि है।इस धर्म की आबादी पूरी दुनिया में एक बिलियन के लगभग है।यह धर्म मुख्य रूप से,भारत,श्रीलंका,इंडोनेशिया,नेपाल,बांग्लादेश,मलेशिया,अफ्रीका,दक्षिण और उतरी यूरोप में पाया जाता है।

3.इस्लाम: इस्लाम की खोज आज से करीब 1400 साल पहले हई थी। इस धर्म के खोजकर्ता मोहम्मद को माना जाता है।इस धर्म के अनुयायी मोहमद के जीवन के अनुसार जीवन जीते है।इस धर्म का प्रमुख ग्रन्थ कुरान है।इस्लाम धर्म के अनुयायी पूरी दुनिया में लगभग 1.5 बिलयन है।यह मुख्य रूप से बांग्लादेश,इंडोनेशिया,पाकिस्तान,पूर्वी यूरोप और अफ्रीका में पाये जाते है।

4.बौद्ध धर्म : इस धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे। यह धर्म लगभग 2500 साल पुराना है।बौद्ध धर्म का मुख्य ग्रन्थ त्रिपिटिका है। यह धर्म तीन भागो में विभाजित प्रथम हियानन यह श्रीलंका,कंबोडिया और थाईलैंड में पाये जाते है।द्वितय महायान यह चीन,जापान,वियतनाम,कोरिया में पाये जाते है।तृतीय वज्रयान यह तिब्बत,मंगोलिया,जापान में पाया जाता है।