मुगल साम्राज्य को कब्र में किया दफन , अब से बच्चे जानेंगे बोफोर्स का इतिहास


आज हम आपको बताने जा रहे है भारत में मुगल साम्राज्य के बारे में जिसका इतिहास अब कब्र में दफन कर दिया गया है जी हाँ , जैसा कि आप सभी जानते है कि भारत के ऊपर कई विदेशी ताकतों ने हमला किया। सबने भारत पर राज भी किया और यहाँ की संस्कृतियों के साथ जमकर खिलवाड़ भी किया। पर भारत पर सबसे ज्यादा राज मुगल साम्राज्य का रहा है। और यहाँ की संस्कृति को सबसे ज्यादा नुकसान भी मुगलों ने ही पहुँचाया है । लेकिन अब इनका इतिहास कब्र में दफ़न कर दिया गया है ।

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बता दे कि महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड ने इतिहास के पाठ्यक्रम में से मुगल साम्राज्य से जुड़े अध्यायों को हटाना शुरू कर दिया है। इस साल के लिए बोर्ड द्वारा संशोधित किताबों में स्कूल के 7वीं से 9वीं कक्षा तक के छात्रों के इतिहास के पाठ्यक्रम में मराठा साम्राज्य पर जोर दिया गया है जबकि मुगल साम्राज्य पाठ्यक्रम से नदारद है।

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खबरों के मुताबिक 7वीं कक्षा की किताब में से उन अध्यायों को हटाया गया है जैसा कि 7वीं कक्षा की किताब में अकबर को जानकारी दी गई है अकबर मुगल वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था।

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आपको बता दें कि इसमें अकबर के शासन काल को तीन लाइनों में ही समाप्त कर दिया गया है । पुस्तक में अकबर के बारे में इतना ही लिखा गया है । अकबर मुग़ल वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था।

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जब उसने भारत को एक केन्द्रीय सत्ता के अधीन लाने की कोशिश की तो उसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। महाराणा प्रताप, चाँद बीबी और रानी दुर्गावती ने उनके खिलाफ संघर्ष किया था। उन लोगों का संघर्ष उल्लेखनीय है।

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बता दें कि महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड द्वारा लाए गए नए पाठ्यक्रम नौंवीं कक्षा के इतिहास कि किताब में बोफोर्स घोटाला और 1975 में लगे इमरजेंसी का जिक्र किया गया है। सरकार का कहना है कि अब बच्चों को मॉडर्न इतिहास के बारे में बताना जरुरी है।

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वही इस पुस्तक में रूपये का भी उल्लेख नहीं किया गया है। बता दें कि सबसे पहले अफगान आक्रान्ताओं ने रूपये को जारी किया था जो अब तक चलन में है। महाराष्ट्र राज्य शिक्षा की पुस्तक में दिल्ली में शासन करने वाली पहली महिला रजिया सुल्तान, मुहम्मद बिन तुगलक के दिल्ली से दौलताबाद राजधानी शिफ्ट करने, विमुद्रीकरण और भारत से हुमायूँ को भागने पर मजबूर करने वाले शेर शाह सूरी के पैराग्राफ भी हटा दिए गए हैं।

आपको बात दें कि वही इतिहास विषय के कमिटी के सदस्य बापूसाहेब शिंदे ने बताया है कि पिछले साल नए पाठ्यक्रम को लेकर महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के साथ रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी में मीटिंग हुई थी। जिसमे उन्होंने कहा गया था कि बच्चों को मॉडर्न इतिहास के बारे में बताना जरुरी है,और आने वाले नयी पुस्तक में अब मुगलों के इतिहास को काम किया जाए।

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