दयाल सिंह कॉलेज में मॉर्निंग विवाद


पश्चिमी दिल्ली: डीयू दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज को मॉर्निंग में बदलने को लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। मार्निंग कॉलेज के कुछ अध्यापक इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं। दयाल सिंह सांध्य कॉलेज के फस्र्ट ईयर छात्रों की कक्षाएं सुबह के समय शुरू करने का फैसला एक समिति करेगी। विश्वविद्यालय के एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने इसके लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाई है। समिति यह पता करेगी कि इस सत्र से कॉलेज को सुबह में तब्दील कर दिया दिया जाए तो कहीं बुनियादी सुविधाओं में कमी तो नहीं होगी। दयाल सिंह मॉर्निंग कॉलेज के शिक्षक परमेंद्र कुमार परिहार का कहना है कि हमारे पास पहले से ही बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इवनिंग कॉलेज अगर सुबह के कॉलेज में कक्षाएं शुरू करेगा तो हम इसका विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उनकेकॉलेज में एक भी खेल का मैदान नहीं है। विज्ञान के पाठ्यक्रमों के लिए लैब भी छोटे हैं। दयाल सिंह सांध्य अगर सुबह से शुरू होगा तो इससे दोनों कॉलेजों को नुकसान होगा।

दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल पवन शर्मा का कहना है कि हम प्रथम वर्ष के छात्रों की कक्षाएं सुबह से शुरू करने के लिए तैयार हैं। सोमवार को अगर विश्वविद्यालय प्रशासन से आधिकारिक सहमति मिल जाती है तो मंगलवार से कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। इस सत्र में प्रथम वर्ष के छात्रों की कक्षाएं सुबह से लगाई जाएंगी। हमारे पास सुबह से कक्षा शुरू करने के लिए काफी सुविधाएं हैं। कॉलेज में प्रथम वर्ष के लगभग 724 छात्र हैं, जबकि उनके पास 13 सौ छात्रों को बिठाने की जगह है। उनका कहना है कि यहां मलयालम और बंगाली भाषाओं के पाठ्यक्रम भी बंद कर दिए गए हैं। यहां इस साल से पांच नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।