जरा बच कर रहे झूट के कारोबार से


सोशल मीडिया सूचनाएं प्राप्त करने का एक बेहद आसान माध्यम  है। इसके जरिये हम अपनी बात किसी भी कोने में बैठे हुए व्यक्ति तक पहुंचा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसके यूजर्स का हमेशा पहुंच में होना है।

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जब से भारत में इंटरनेट आया तब से लगभग हर पढ़े-लिखे व्यक्ति के हाथ में मोबाइल फोन आ गया है। शुरुआती तौर पर तो इसका इस्तेमाल सिर्फ एक आसान संपर्क के माध्यम के रूप में हुआ लेकिन अब यह हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। आजकल लोगों में एक अलग-सी प्रवृत्ति देखने को मिल रही है। लोग सोशल मीडिया पर लिखी हर बात को सच मान लेते हैं और उसके आधार पर अपना एक मत बना लेते हैं। बिना यह जाने कि वह जानकारी प्रामाणिक है या नहीं। यह एक बेहद खतरनाक स्थिति है। लोगों पर इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

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भारत जैसे विशाल देश में जहां अलग-अलग धर्मो, संप्रदायों एवं जातियों के लोग रहते है , वहां इसका बड़ी आसानी से गलत इस्तेमाल किया जा सकता है । देश के कई शहरों को हमने सोशल मीडिया पर फैली अफवाह के चलते झुलसते देखा है। राजनीतिक दुनिया में तो इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है।दूसरे दलों की नीतियों, उनके नेताओं एवं कार्यो के बारे में फैलाए जा रहे हैं।

इसका इस्तेमाल धर्म एवं संप्रदाय ने भी शुरू कर दिया है। अपने धर्म एवं संप्रदाय को महान व श्रेष्ठ साबित करने के लिए अन्य धर्म एवं संप्रदाय के बारे में बातें फैलाई जा रही हैं। जब तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ लोगों से जुड़ने और संवाद के माध्यम के रूप में होता है तब तक तो कोई परेशानी नहीं है लेकिन परेशानी तब होती है जब लोग इस पर शेयर की गई जानकारी को आधार बनाकर अपनी एक राय बना लेते हैं। आजकल यहीं हो रहा है।

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पहले लोग ज्ञान और सूचना अर्जित करने के लिए बड़े-बड़े एवं महान लोगों द्वारा लिखी गई किताब पढ़ते थे, समय मिलने पर समाज के लोगों से मिलकर बयानों और कार्यो पर चर्चा करते थे।दुनिया आज के समय में बहुत तेज रफ्तार से भाग रही है। कोई भी इस रफ्तार में पीछे नही छूटना चाहता है। सब अपने आप को विशेष दिखाने में लगे हुए हैं। लोग फेसबुक, ट्विटर, इंस्टग्राम, व्हाट्सअप, गूगल और मैसेज के द्वारा जानकारी ले रहे है। बस आंख बंदकर उसे शेयर करने में लगे रहते हैं।

जो जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है उनके पीछे के मंतव्य को भी समझे तभी उस पर विश्वास करें। राजनीति, समाज, अर्थ एवं धर्म हर क्षेत्र के लोगों ने अपना उल्लू सीधा करने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ रखी है।

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