भारतीय आहार में रहती है प्रोटीन की कमी…


नई दिल्ली: हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार भारत में प्रोटीन को गैरजरूरी पोषक तत्व समझा जाता है। करीब 93 प्रतिशत भारतीयों को पता ही नहीं है कि एक आदर्श प्रोटीन आहार क्या है? शायद यही वजह है कि 73 प्रतिशत भारतीयों के आहार में प्रोटीन की कमी रहती है। मांसाहारी भोजन करने वालों में 64 प्रतिशत तक प्रोटीन की कमी पायी गयी है। वहीं शाकाहारी भोजन में इसकी कमी चिंताजनक स्तर 84 प्रतिशत तक पाई जाती है। डॉक्टर बताते हैं कि शरीर के वजन के प्रति एक किलोग्राम पर 1 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। हालांकि गर्भावस्था और अन्य स्थितियों में इसकी मात्रा अलग हो सकती है। हमारे शरीर को अमीनो एसिड की भी आवश्यकता होती है। इसे पूरा करने के लिए भी प्रोटीन लेना जरूरी है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल बताते हैं कि भोजन में अनाज और दालों का अनुपात 5:1 होना चाहिए। लेकिन भारतीय आहार में भोजन का 60 प्रतिशत हिस्सा तो अनाज का होता है। अनाज भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। लेकिन उनमें आवश्यक अमीनो एसिड नहीं होता हैं। मिथियोनीन नामक प्रोटीन दालों में मिलता है, जो विकास और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है । हालांकि, इस अनुपात के साथ भी, प्रोटीन को पचाने में समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए भोजन में अनाज, दालों और पशुओं से प्राप्त होने वाले प्रोटीन के लिये दूध, मांस, अंडे, आदि को शामिल करना चाहिए। हालांकि ज्यादा प्रोटीन लेना भी हानिकारक है। अतिरिक्त प्रोटीन को बाहर निकालने के लिए लीवर और किडनी पर अधिक दबाव पड़ सकता है।

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