धूम्रपान करने वालों को इनफर्टिलिटी का खतरा


नई दिल्ली: धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धूम्रपान न केवल फेफड़े को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि हृदय, गुर्दे और शुक्राणुओं को भी नहीं छोड़ता है। यह पुरुषों के ही साथ महिलाओं में भी इनफर्टिलिटी पैदा कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार 2015 तक, दुनिया के तम्बाकू सेवन करने वालों की 12 प्रतिशत जनसंख्या के भारत में होने की संभावना है। यहां धूम्रपान करने वालों की संख्या 10 करोड़ 80 लाख के करीब है। शोध के अनुसार, एक सिगरेट के धुएं मेें पूरे शरीर में फैल जाने वाले 7000 रसायन होते हैं, जो लंबे समय में अंगों को प्रभावित करते हैं।

सिर्फ सक्रिय धूम्रपान ही नहीं, यहां तक कि दूसरे लोगों द्वारा किए गए धूम्रपान के धुएं या धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहना भी प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है, शिशुओं में आनुवांशिक ऊतकों (गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने पर) को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही कैंसर और गर्भपात के खतरे को बढ़ा सकता है। फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. सोनिया मलिक की मानें तो धूम्रपान करने वाले पुरुषों में वीर्य की गुणवत्ता में कमी देखी गई है और शुक्राणु की सांद्रता में 23 प्रतिशत की कमी देखी गई है। धूम्रपान का शुक्राणु की गतिशीलता पर भी प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण अंडे का निषेचित होना मुश्किल हो जाता है।

अगर अंडे निषेचित हो भी जाते हैं, तो भ्रूण और बढ़ते भ्रूण पर हानिकारक रसायनों के दुष्प्रभाव के कारण भ्रूण के जीवित करने की संभावना कम हो सकती है। उनका कहना है कि अध्ययनों के अनुसार, प्रतिदिन 10 या अधिक सिगरेट पीने पर महिलाओं को गर्भ धारण करने की क्षमता में काफी नुकसान होता है। इसके अलावा, धूम्रपान करने वाली या धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहने वाली महिलाओं के 50 वर्ष से पहले ही रजोनिवृत्त होने की संभावना होती है।

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