आंखो में बसाए केरल की प्राकृतिक


कोवलम केरल की राजधानी त्रिवेन्द्रम या तिरूवंनतपुरम से करीब चौदह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कोवलम सागर-तट दर्शनीय होने के साथ ही हर आगंतुक के लिए अपने अनुपम नैसर्गिक सौंदर्य के द्वार खोलता है। राजधानी से कोवलम तक आसानी से बस, टैक्सी से पहुंचा जा सकता है। इस सड़क के दोनों ओर बाग बगीचे फैले हैं, जिनमें काजू, केले, नारियल और रबड़ के हरे-भरे अनेक पेड़-पौधे दिखाई पड़ते हैं। तो आइए नजर डालते है केरल की खुबसूरती पर:-

मुन्नार :यह ऐसा हिल स्टेशन है जहां ठड़क के साथ-साथ यह तन-मन को भी शीतलता का एहसास कराता है। यह हिल स्टेशन दक्षिण भारत के पूर्व ब्रिटिश प्रशासकों का ग्रीष्मकालीन रिजोर्ट हुआ करता था। यहां दूर-दूर तक चाय के बागान फैले हुए हैं। टै्रकिंग के लिए बहुत सुदंर स्थल है।

थेक्कड़ी:

यहां का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल थेक्कड़ी है। यहां तरह-तरह के वन्यजीवों को देखने का आनंद लिया जा सकता है यह 777 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमें घना जंगल है 1978 में इसे टाइगर रिर्जव का दरजा मिला था। झील के पास वन्यजीव के साथ-साथ बोट में सैर करते हुए आस-पास हाथियों के टहलने का दृश्य भी बहुत मनमोहक है।

कोवलम:

सागर-लहरों के साथ पचास से दो सौ मीटर की चौड़ाई से सुनहली चमकती रेत फैली है। सुखद और मनोहर कोवलम सागर तट की यह विशेषता है कि अप्रैल-मई की तेज गर्मी के अलावा साल के शेष महीनों में मौसम अच्छा और हवादार बना रहता है। दूसरी बात यह है कि सागर तट पर दूर तक फैली बालू की राशि में मिट्टी या धूल नहीं है। कोवलम तट पर सूर्यास्त का दृश्य अनूठा है

कोच्चि:

कोच्चि शहर केरल के केंद्र भाग में स्थित है । यहां व्यापारी व्यापार के लिए आया करते थे इसलिए यहां के स्थानीय लोगों के जीवन पर उन की संस्कृति का प्रभाव आज भी देखने को मिलता है यह सबसे पुराने बंदरगाहों में एक है।

माट्टुपेट्टी:

यहां पर स्थित रोज गार्डन,हरीभरी घास के मैदान है यहां आप नौकाविहार का भी आनंद ले सकते है

अलप्पुझा:

केरल के सामुद्रिक इतिहास में अलप्पुझाा का महत्वपूर्ण स्थान है। अलप्पुझा एक ऐसा स्थान है जो अपने में ही काफी प्रिय है। यहां समुद्र में घुसा हुआ पोनघाट 137 साल पुराना है यहां एक पुराना लाइट हाउस भी है जो कि हाउसबोट की सैैर का भी मजा उठा सकते है।

वेलेयनी झील :

एक सड़क इस झील से गुजरती है यहां पर बंध बांध दिया गया है इस झील को बहुत से लोग पसंद करते है इस झील का तजा पानी देखने को नहीं छोडऩा चाहिए।

विजिंजम गांव:

विजिंजम गांव मछली पकडऩे के गांव में से माना जाता है यह कोवलम से सिर्फ 2 किमी की दूरी पर है यह एक प्राकृतिक बंदरगाह है। यह तिरूवंनतपुरम जिले में व्यस्त मछली पकडऩे का बंदरगाह है।

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