50 वर्षों बाद संयोग, इस सावन में पड़ेंगे 5 सोमवार


10 जुलाई से शुरू होने जा रहा भगवान शिव का प्रिय माह सावन इस बार बेहद खास होगा। वजह है इस बार विशेष योग का बनना। दरअसल इस बार सावन माह में पांच सोमवार हैं। इसे विशिष्ट संयोग माना जा रहा है। ये पवित्र माह सोमवार से ही शुरू होगा और सोमवार को ही इसका समापन (7 अगस्त) भी होगा। ये खास योग कई वर्षों के बाद ही बनता है।

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ज्योतिषियों के मुताबिक इस साल राखी पर चंद्र ग्रहण रहेगा। यह भी एक दुर्लभ घटना है। सर्वार्थ सिद्धि योग से 10 जुलाई को सावन का शुभारंभ होगा। वहीं इसका समापन भी सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग और चंद्र ग्रहण के साथ होगा। 24 जुलाई को पुष्य नक्षत्र होगा।

सावन में इस तरह के संयोग 50 साल बाद बने हैं। सावन के आखिरी सोमवार 7 अगस्त को राखी के दिन चंद्रग्रहण पड़ेगा। शुभ नक्षत्र और संयोग से सजा यह सावन 10 जुलाई सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग, उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र से शुरू होकर 7 अगस्त राखी तक चलेगा। दूसरा सोमवार 17 जुलाई को, तीसरा सोमवार 24 जुलाई को चौथा सोमवार 31 जुलाई को और पांचवां सोमवार 7 अगस्त को रहेगा। इसमें तीसरे सोमवार 24 जुलाई को पुष्य नक्षत्र रहेगा।

प्रतिष्ठित मंदिरों में विशेष तैयारी

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उम्मीद की जा रही है कि पूरे देश के शिवालयों में इस बार अधिक श्रद्धालुओं तांता लगेगा। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित विश्वनाथ मंदिर उज्जैन के महाकाल मंदिर, झारखण्ड के देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम, रांची के पहाड़ी मंदिर, बिहार के हरिहरनाथ मंदिर (सोनपुर), बाबा गरीबनाथ मंदिर (मुजफ्फरपुर), सोमेश्वर मंदिर (मोतिहारी), गुप्तधाम मंदिर (रोहतास), गुजरात के सोमनाथ मंदिर, उत्तरखंड के केदारनाथ मंदिर समेत पूरे देश में सावन की विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

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भक्तगण शिवालयों में भगवान शंकर के शिवलिंग और मूर्तियों पर भांग, बेलपत्र, धतूरा चढ़ा रहे हैं, और जल और दूध से अभिषेक करेंगे। मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रायः सभी शहरों के स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

चंद्रग्रहण के दिन होगा रक्षाबंधन

सावन के सोमवार का समापन 7 अगस्त रक्षाबंधन को चंद्र ग्रहण से होगा। सावन में बेलपत्री चढ़ाने से भगवान शिव खुश होते हैं। साथ ही इस बार बने विशेष योग से सावन शुभकारी रहेगा।

पांच का अंक क्यों है खास
ज्योतिषियों के अनुसार 5 का अंक हिंदु धार्मिक व सांस्कृतिक विचारों में हमेशा खास रहा है। मसलन पंच भूत, पंच इंद्रीय, पंच कर्म। पंचांग भी पांच योग से बनता है। करीब-करीब हर अहम चीज के साथ 5 का अंक जुड़ा है। हमारे शरीर में भी पांच इंद्रीय होती हैं। हाथ व पैरों में पांच-पांच अंगुलियां रहती है।

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देव उठनी ग्यारस तक चलेगा त्यौहार सीजन
खास बात यह है कि सावन मास से ही त्यौहार सीजन शुरू हो जाता है, जो देव उठनी ग्यारस तक चलता है। करीब चार माह तक पर्वों का सिलसिला चलता रहता है। इस दौरान गणेश उत्सव, नवरात्र, दीपावली, दशहरा जैसे पर्व रहते हैं।

सावन में आएंगे ये त्योहार
सावन में गणेश चतुर्थी, मंगला गौरी व्रत, मास शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नाग पंचमी और राखी रहेगी।

राखी पर सुबह भद्रा, रात को चंद्र ग्रहण
सावन के आखिरी सोमवार 7 अगस्त को राखी रहेगी। इसमें सुबह 11.7 बजे तक भद्रा रहेगी। वहीं रात्रि 10.52 से चंद्र ग्रहण दिखना शुरू होगा। जो कि रात्रि 12.22 बजे तक रहेगा। इसका सूतक दोपहर 1.52 से शुरू होकर रात के 12.22 बजे तक रहेगा। इस तरह रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 11.7 के बाद से दोपहर 1.50 बजे तक रहेगा।

इन तिथियों में यह त्योहार

तिथि                          त्योहार

23  जुलाई            हरियाली अमावस्या

26 जुलाई             हरियाली तीज, झूला उत्सव

28 जुलाई             नागपंचमी

7 अगस्त              रक्षाबंधन

10 अगस्त            कजली तीज

13 अगस्त            हलषष्ठी

14 व 15 अगस्त   कृष्ण जन्माष्टमी

21 अगस्त            सोमवती अमावस्या

24 अगस्त            हरतालिका तीज

25 अगस्त            गणेश चतुर्थी

28 अगस्त           नुआखाई

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