आज है सावन शिवरात्रि, भगवान शिव की पूजा से होंगी मनोकामनाएं पूरी, जाने पूजा विधि


नई दिल्ली :  आज सावन शिवरात्रि का पावन दिन है। मंदिरों में सुबह से ही भक्त भोलेनाथ के जयकारे लगाकर दर्शन के लिए लाइन में लगे हैं। शिवजी सिर्फ एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस बार का सावन बेहद खास है और आज सावन की शिवरात्रि है। साल में दो शिवरात्रियां मनाई जाती है। पहली फाल्गुन के महीने में और वहीं दूसरी शिवरात्रि सावन के महीने में मनाई जाती है। इन दोनों शिवरात्रियों में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है और अलग-अलग शिवरात्रियों का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव की इस महीने अपार महिमा बरसती है। भक्त पूजा और व्रत रखकर भगवान शिव को प्रसन्न करते है। इस बार सावन सोमवार से शुरू होकर सोमवार को ही संपन्न होगा। ऐसा संयोग कई सालों बाद आया है। सावन के पूरे महीने भगवान शिव का जलाभिषेक करना बेहद फलदायी होता है।

 

सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। शिवरात्रि में शिवलिंग पर जलाभिषेक करना आवश्यक माना गया है। इससे भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं। शिवरात्रि में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं। इस महीने रुद्राभिषेक करने से भक्तों के समस्त पापों का नाश हो जाता है।


21 जुलाई को शिवरात्रि

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 21 जुलाई को देश भर में सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। 21 जुलाई को रात्रि 9 बजकर 49 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी और अगले दिन यानी कि 22 जुलाई को 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। इस दौरान सभी शिवभक्त भक्तिभाव से शिवपूजन करते हैं। कहा जाता है कि सावन माह के प्रारंभ होते ही सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु विश्राम के लिए अपने लोक चले जाते हैं और अपना सारा कार्यभार भगवान शिव को सौंप देते हैं। भगवान शिव माता पार्वती के संग पृथ्वी लोक पर रहकर समस्त धरतीवासियों के संरक्षण का काम करते हैं।

दो बार आती है शिवरात्रि
फाल्गुन महीने में कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसके अलावा दूसरी बार सावन महीने में कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को भी भगवान शंकर की आराधना के साथ शिवरात्रि मनाई जाती है। आस्था यह है कि शिवरात्रि को पूजा आराधना करने से दस गुना पुण्य मिलता है, वहीं भगवान शिव हर मुराद पूरी करते हैं।

पूजा विधि

  • सावन के दिन भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शहद आदि अर्पित कर विशेष पूजन करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे परिवार की स्वास्थ्य समस्याएं दूर होती हैं।
  • सुबह जल्दी उठ नहा-धोकर भगवान शिव पूजन बेलपत्र, धतूरा, भांग, शहद, विशेष फूल से करें। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
  • शिवपुराण के अनुसार बेलपत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय है। बेलपत्र की तासीर ठंडी होती है इसलिए इसका प्रयोग भगवान शिव की पूजा में किया जाता है। पूजा में बेलपत्र इस्तेमाल करने से सरे पाप कट जाते है।
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