इस बार भाई-बहन के लिए राखी मनाने का शुभ समय 18 मिनट तक ही रहेगा


भाई-बहन के प्रेम का त्यौहार माना जाना वाला पर्व रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाएगा। यह तिथि आगामी सात अगस्त को पड़ रही है। लेकिन भारतीय काल गणना के अनुसार इस बार भाई-बहन के लिए यह पर्व मनाने का शुभ मुहूर्त काफी कम समय का है। इसका एक कारण इस श्रावण पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण पड़ना भी है। जब भी कोई कार्य शुभ समय में किया जाता है, तो उस कार्य की शुभता में वृ्द्धि होती है। भाई- बहन के रिश्ते को अटूट बनाने के लिये इस राखी बांधने का कार्य शुभ मुहूर्त समय में करना चाहिए।

इस दिन भद्रा योग और सूतक लगने के कारण राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 10.30 से 10.48 बजे तक रहेगा। प्रात काल से भद्रा योग शुरू है जो सुबह 10.30 बजे तक रहेगा। वहीं रात 10.53 से 12.48 बजे तक चंद्र ग्रहण है, जिसके कारण सुबह 10.48 बजे के बाद से सूतक लग जाएगा।

पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि भद्रा योग और सूतक में राखी बांधने का नियम नहीं है। रात में चंद्र ग्रहण है जिसके कारण 12 घंटे पहले ही सूतक लग जाएगा। इस बीच कोई भी शुभ कार्य नहीं होंगे। मंदिरों के पट बंद रहेंगे और पूजा नहीं होगी। सूतक लगने के बाद सिर्फ मंत्र का जाप किया जा सकता है।

मकर राशि पर ग्रहण लग रहा है : पंडित त्रिपाठी बताते हैं कि चंद्र ग्रहण श्रावण नक्षत्र के मकर राशि पर लग रहा है। इस दिन 12 राशियों पर इसका अलग-अलग प्रभाव होगा। मेष – सुख वृष – मान-सम्मान में क्षति तुला – दुख वृश्चिक – धन की प्राप्ती मिथुन – कष्टकारकधनु – क्षतिकर्क – स्त्री पीड़ामकर – चोट लगने की संभावना सिंह – सुख कुंभ – हानीकन्या – चिंतामीन – लाभ