जानें कालका-शिमला टॉय ट्रेन का सफर और इतिहास, देखें सफर का वीडियों


देश के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशन शिमला को जोड़ती कालका शिमला रेल। नौ नवंबर 1903 से शुरू हुआ कालका-शिमला रेल का सफर 110 सालों के बाद भी अनवरत जारी है। कालका-शिमला रेल को संक्षेप में केएसआर ( कालका शिमला रेल) कहते हैं। कालका शिमला रेल सैलानियों की खास पसंद है।

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शिमला जाने वाले सैलानी बस के बजाय इस खिलौना ट्रेन से शिमला जाने को प्राथमिकता देते हैं। क्योंकि इस खिलौना ट्रेन का सफर इतना सुहाना है कि जितना मजा शिमला की हसीन वादियों में घूमने में आता है उतना आनंद ये छह घंटे का सफर आपको देता है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित कर रखा है।

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कालका रेलवे स्टेशन – सफर की शुरूआत कालका शहर से होती है। कालका हरियाणा राज्य का रेलवे स्टेशन है जो चंडीगढ़ से थोड़ा आगे है। कालका ब्राड गेज का आखिरी रेलवे स्टेशन है। कालका स्टेशन के ब्राडगेज प्लेटफार्म से ही कालका शिमला छोटी लाइन का प्लेटफार्म जुड़ा हुआ है।

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अगर आप दिल्ली से हिमालयन क्वीन से सुबह अपना सफर शुरू करते हैं तो दोपहर में कालका से शिमला जाने वाली ट्रेन आपको मिलती है। अगर आप किसी और समय में कालका पहुंचे हैं तो कालका रेलवे स्टेशन के आसपास होटलों में ठहर कर अगले दिन सुबह कालका से शिमला जाने वाली ट्रेनों से आगे का सफऱ कर सकते हैं।

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तकरीबन 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिमला रेलवे स्टेशन कुछ-कुछ दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन से मिलता-जुलता लगता है। दोनों के एक तरफ ऊंचा शहर तो दूसरी तरफ गहरी घाटी है। कालका-शिमला रेल को संक्षेप में केएसआर कहते हैं। यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित कर रखा है।

रास्ता

ब्रिटिश शासन की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला को कालका से जोड़ने के लिए 1896 में दिल्ली अंबाला कंपनी को इस रेलमार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समुद्र तल से ६५६ मीटर की ऊंचाई पर स्थित कालका (हरियाणा) रेलवे स्टेशन को छोड़ने के बाद ट्रेन शिवालिक की पहाड़ियों के घुमावदार रास्ते से गुजरते हुए 2,076 मीटर ऊपर स्थित शिमला तक जाती है।

कर्नल बड़ोग की आत्महत्या

अंग्रेजों ने इस रेल ट्रैक पर जब काम शुरू किया तो बड़ोग में एक बड़ी पहाड़ी की वजह से ट्रैक को आगे ले जाने में दिक्कतें आने लगीं। एक बार तो हालात यह बन गए कि अंग्रेजों ने इस ट्रैक को शिमला तक पहुंचाने का काम बीच में ही छोड़ने का मन बना लिया। इस वजह से ट्रैक का काम देख रहे कर्नल बड़ोग ने आत्महत्या तक कर ली। उन्हीं के नाम पर आज बड़ोग स्टेशन का नाम रखा गया है।

वर्ल्ड हैरिटेज शिमला-कालका टॉय ट्रेन का वीडियो

 

1903 से शुरू हुआ कालका-शिमला रेल का सफर 110 साल के बाद भी अनवरत जारी है। शिमला रेलवे स्टेशन बड़ा खूबसूरत और साफ-सुथरा है। स्टेशन अपने आप में रेलवे का म्यूजियम सा लगता है। यहां कालका शिमला रेल के बारे में काफी जानकारी चित्रों में उपलब्ध है। स्टेशन पर अच्छा सा स्टोरेंट भी है। यहां 55 रुपये में स्पेशल थाली का स्वाद लिया जा सकता है। खाने पीने की दरें आपकी जेब के लिए महंगी नहीं है।

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सेकेंड क्लास और प्रथम श्रेणी के यात्रियों के लिए अच्छे प्रतीक्षालय बने हैं। स्टेशन पर विश्रामलय भी है। पहले से इसमें ठहरने के लिए भी बुकिंग कराई जा सकती है। शिमला उतरने पर अगर आप भूखे हैं तो यहीं से कुछ पेटपूजा करके ही आगे बढ़ें। क्योंकि आगे कहीं भी जाने के लिए चढ़ाई है। शिमला रेलवे स्टेशन से शहर के दिल यानी मॉल की दूरी महज एक किलोमीटर है। आप टहलते हुए भी जा सकते हैं।

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फिल्मों में कालका शिमला रेल – बॉलीवुड की बात करें तो 1960 में शम्मी कपूर की फिल्म ब्याय फ्रेंड का गाना मुझको अपना बना लो…कालका शिमला रेल पर शूट हुआ था। सन 2000 में आई प्रीति जिंटा की फिल्म क्या कहना में भी कालका-शिमला रेल और उसके कुछ स्टेशनों की छवि देखी जा सकती है।

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