आरजे रौनक यानि बउआ, जानिये इस ख़ास बन्दे के बारे में दिलचस्प बातें


रौनक यानी बउआ, आज ये नाम बेशक किसी पहचान का मोहताज नहीं है और हो सकता है आप भी इस शख्सियत के फैन हो। एक रेडियो जॉकी के तौर पर पुरे भारत में मशहूर होने के बाद आज रौनक ज़ी टीवी पर अपने शो ‘फन की बात’ से लोगों के बीच जमकर अपना जादू बिखेर रहे है।

सुबह जब आप गाडी लेकर ऑफिस निकलते है तो ऍफ़ एम ऑन करते ही शायद आपको भी इंतज़ार रहता होगा बउआ का जो बैरागी जी के साथ फिर कोई नया जोक आपके लिए लाया होगा। आज हम आपको रौनक के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जो आपको उनके जीवन से रुबरू कराएंगी।
रौनक का जन्म जहांगीरगंज, जिला अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश में हुआ था लेकिन पढाई और बड़े हुए मुंबई में। दयानंद वैदिक विद्यालय से इन्होने स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर केलकर कॉलेज से बीकॉम किया। बचपन से ही कुछ नया करने की चाह ने इन्हे कॉलेज के फर्स्ट ईयर में ही जॉब पर लगवा दिया।

अपने अंदाज में रौनक बताते है ‘साल 2003 की बात है, तब जॉब के काम के लिए दिन का 350 रुपये मिलता था। 20 दिन खड़ा रहा तो 7-8 हजार मिल गए. अब मान लो कि मैंने सौरभ को भी वहीं लगा दिया. 10 और पकड़ लिए, पचास रुपये और मिलेंगे इसमें सबके लिए। सुबह 7-11 कॉलेज होता था. उसके बाद शाम 8 बजे तक ये काम. लोकल पकड़ घर गए. 9 बजे सो गए. ग्रेजुएशन तक यही चला. इसने स्ट्रीट स्मार्ट बना दिया. कस्मटर से बतियाना बहुत कुछ सिखा गया। ‘

कॉलेज पूरा करने के बाद बंगलोर में विप्रो जैसी कंपनी में प्लेसमेंट मिला पर इन्होने एक महीने बाद वो जॉब छोड़ दिया और वापस मुंबई आ गए और एमबीए में एडमिशन ले लिया। इसी दौरान प्राइवेट चैनल (एफएम) आने शुरू हुए थे। एफएम सुनके इन्हे इंटरेस्ट आया तो ऑडिशन देने ऑल इंडिया रेडियो गए और जहाँ पर इनका सिलेक्शन बतौर आरजे हो गया।

वर्ष 2009 में रिसेशन के दौरान इन्हे रेड एफएम से ऑफर मिला और ये लखनऊ आ गए। एक साल लखनऊ में काम करने के बाद इन्होने दिल्ली का एरिया चुना। यही पर आकर प्रैंक कॉल के दौरान इन्हे बउआ नाम सूझा और इनकी गाडी निकल पड़ी। आज लोग इनके शो के जबरदस्त फैन है।

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