आखिर क्या है? आंख फड़कने के पीछे के साइंटिफिक कारण


भारत में आंख फड़कना मतलब शुभ या फिर अशुभ होगा। कई लोग हैं जो यह मानते हैं कि आंख फड़कने से कुछ बुरा होगा या फिर कुछ अच्छा होगा। अगर डाक्टर्स की माने तो इसके पीछे कुछ और ही वजह बतार्ई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आंख फड़कने के पीछे कोई और ही लॉजिक होता है। आंख फड़कने के पीछे जो लॉजिक होता है आज हम उसी के बारे में बात करेंगे। चलिए जानते हैं क्या हैं आंख फड़कने के पीछे के कारण।

आपको बता दें कि पलक फड़कना एक आम ही लक्षण होता है। ऐसे इस वजह से होता है क्योंकि आंखों के आस-पास की मांसपेशियों अपने आप ही संकुचित हो जाती हैं और उसी की वजह से यह उलझन और परेशनी हो जाती है। बता दें कि इससे कोई नुकसान नहीं होता है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि ज्यादा मात्रा में कैफीन और शराब पीने से आंखें फड़कना शुरू हो जाती हैं। अक्सर देखा गया है कि जो लोग ज्यादा मात्रा में कैफीन यानि कॉफी, चाय , सोडा पॉप लेते हैं या फिर शराब पीते हैं तो आपको आंख फड़कने की यह समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

आजकल की भागती दौड़ती हुई जिंदगी में थकान और तनाव आम हो गया है। ऐसा भी कहा जाता है कि तनाव और थकान से आंख फड़कती है। विशेष रूप से जब भी आंख में तनाव यानि आई स्ट्रेन जैसी परेशानी होती है तो यह परेशानी शुरू हो जाती है। तनाव को कम करने से आंख फड़कने को बंद किया जा सकता है। नींद की कमी से भी आंख फड़कने की परेशानी हो सकती है।

अगर आप भी आंख फड़कने से परेशान हैं तो आप भी हाइड्रेटेड बने रहें। ज्यादा से ज्यादा नींद लें और अपनी पलकों को जोर-जोर से झपकानी शुरू कर दें। अपनी आंखों की अच्छे से मसाज शुरू कर दें।

इस बात का जरूर ध्यान रखें कि पलकों को लगभग 30 सेकेण्ड्स तक झपकाया करें। अपनी आंखों को अर्ध-खुली अवस्था में लायें, आंखों का व्यायाम करें, अपने आपको ऐक्यूप्रेशर मसाज दें, आंखों के हाइड्रोथिरेपी टेक्नींक को जरूर आजमायें।

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