करो या मरो मुकाबले में भारत की शानदार जीत


लंदन : कसी गेंदबाजी, मजबूत क्षेत्ररक्षण तथा शिखर धवन और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी के दम पर मौजूदा चैंपियन भारत ने आज यहां ग्रुप बी के क्वार्टर फाइनल रूपी मैच में दक्षिण अफ्रीका को 72 गेंद शेष रहते हुए आठ विकेट से करारी शिकस्त देकर शान से आईसीसी चैंपियन्स ट्राफी के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत ने टास जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 44.3 ओवर में 191 रन पर ढेर कर दिया। इसके बाद धवन (78) और कोहली (नाबाद 76) ने दूसरे विकेट के लिये 128 रन की साझेदारी की जिससे भारत ने 38 ओवर में दो विकेट पर 193 रन बनाकर यह मैच भी एकतरफा बना दिया। युवराज सिंह (नाबाद 23) ने छक्का जड़कर टीम को जीत दिलायी। इससे पहले हाशिम अमला (35) और क्विंटन डिकाक (53) ने पहले विकेट के लिये 76 रन जोड़कर दक्षिण अफ्रीका को धीमी लेकिन ठोस शुरूआत दिलायी थी। इन दोनों के पवेलियन लौटने के बाद दक्षिण अफ्रीका के आखिरी आठ विकेट 51 रन के अंदर निकल गये। मध्यक्रम में केवल फाफ डुप्लेसिस (36) ही कुछ योगदान दे पाये। भारत का नेट रन रेट काफी अच्छा है और उसका ग्रुप बी में शीर्ष पर रहना तय है। ऐसे में वह सेमीफाइनल में ग्रुप ए से दूसरे स्थान पर रहे बांग्लादेश से भिड़ेगा।

ग्रुप बी का आखिरी लीग मैच कल श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। भारत पांचवीं बार चैंपियन्स ट्राफी के सेमीफाइनल में पहुंचा और इस तरह से उसने दक्षिण अफ्रीका के रिकार्ड की बराबरी की। मैच में शुरू से ही सब कुछ भारत के अनुकूल रहा। पहले उसने टास जीता और बाद में गेंदबाजों और क्षेत्ररक्षकों ने शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी का मौका मिलने पर लगा कि वे जल्द से जल्द लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं। रोहित शर्मा (12) ने कैगिसो रबाडा का स्वागत चौके और छक्के से किया जबकि धवन ने मोर्ने मोर्कल की गेंद छह रन के लिये भेजी। भारत ने छठे ओवर में पहला विकेट गंवा दिया था जब रोहित ने मोर्कल की गेंद पर विकेटकीपर डिकाक को कैच दिया। कोहली को शुरू में रन बनाने के लिये थथोड़ा जूझना पड़ा। रोहित के आउट होने के बाद 17 गेंदों तक कोई रन नहीं बना लेकिन इसके बाद धवन ने दबाव हटाया जबकि पहली 24 गेंदों पर केवल नौ रन बनाने वाले कोहली ने फिलकुवायो पर छक्का जड़कर अपना आत्मविश्वास जगाया। जब वह 21 रन पर थे तब अमला ने उनका मुश्किल कैच छोड़ा। धवन ने अपनी शानदार फार्म जारी रखी। उन्होंने इमरान ताहिर पर दो चौके जड़कर इस लेग स्पिनर को शुरू में ही कुंद कर दिया जबकि कोहली ने मोर्कल पर दे खूबसूरत चौके लगाकर अपने स्कोर को गति प्रदान की। एक समय ये दोनों बल्लेबाज लगभग बराबर स्कोर पर पहुंच गये थे लेकिन धवन ने इसके बाद तेजी दिखायी। बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने क्रिस मौरिस पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर इसके बाद गेंद को सीमा रेखा के दर्शन कराते रहे।

कोहली ने आखिर में 71 गेंदों पर अपना पचासा पूरा किया। यह साझेदारी आखिर में ताहिर ने तोड़ी जिनकी गुगली पर धवन ने मिड आफ पर आसान कैच थमाया। कोहली और युवराज ने इसके बाद सहजता से टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। इससे पहले कोहली के टास जीतने और दक्षिण अफ्रीका को पहले बल्लेबाजी के लिये आमंत्रित करने के बाद भारत के सभी गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। भुवनेश्वर कुमार (23 रन पर दो विकेट) के साथ मैन आफ द मैच जसप्रीत बुमराह (28 रन पर दो विकेट)  ने नयी गेंद संभाली जबकि उमेश यादव की जगह टीम में लिये गये आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (43 रन देकर एक विकेट) पहले बदलाव के रूप में उतरे। हार्दिक पंड्या (52 रन देकर एक विकेट) ने भी इन तीनों का अनुसरण किया जबकि रविंद्र जडेजा (39 रन देकर एक विकेट) ने अपनी चतुराई भरी गेंदबाजी से बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ायी। दक्षिण अफ्रीका के तीन बल्लेबाज रन आउट हुए। भारत के खिलाफ अक्सर अच्छा प्रदर्शन करने वाले अमला और डिकाक ने विकेट बचाये रखे लेकिन वे अपेक्षित गति से रन नहीं बना पाये। अमला जब हमला करने के मूड में दिख रहे थे तब अश्विन ने पारी के 18वें ओवर में उन्हें पवेलियन भेजा दिया। अमला ने कट करने में थोड़ी देर की और गेंद बल्ले से लगकर महेंद, सिंह धोनी के दस्तानों में समा गयी। उन्होंने 54 गेंदें खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया। डिकाक और फाफ डुप्लेसिस ने स्ट्राइक रोटेट करके रन जुटाये जिससे 22वें ओवर में टीम का स्कोर तिहरे अंक में पहुंच गया। डिकाक ने 68 गेंदों पर अपना 14वां वनडे अर्धशतक पूरा किया।

जडेजा ने अगले ओवर में पगबाधा की अपील ठुकराये जाने के तुरंत बाद उनकी गिल्लियां गिराकर संदेह की कोई गुंजाइश नहीं रहने दी। डिकाक की 72 गेंद की पारी में चार चौके शामिल हैं। पिछले दो मैचों में चार और शून्य रन पर आउट होने वाले एबी डिविलियर्स (16) फिर से बड़ी पारी नहीं खेल पाये। डुप्लेसिस ने उन्हें रन के लिये आवाज लगायी और वह मना नहीं कर पाये। उन्होंने अपने अंदाज में डाइव लगाकर बचने की कोशिश भी लेकिन उससे पहले पंड्या का थ्रो धोनी तक पहुंच गया था। डुप्लेसिस ने इसके बाद डेविड मिलर (1)  को भी रन आउट कराया। डुप्लेसिस कट करके रन के लिये दौड़े लेकिन फिर हिचकिचा गये और वापस क्रीज पर लौट आये। तब तक मिलर भी उनके छोर पर पहुंच चुके थे। डुप्लेसिस खुद बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। पंड्या की खूबसूरत धीमी गेंद को वह आगे बढ़कर खेलना चाहते थे लेकिन चूक गये और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। क्रिस मौरिस (4) ने बुमराह की गेंद पर सही तरह से पुल नहीं कर पाये। बुमराह ने इसके बाद फुलटास पर एंडिल फिलकुवायो (4) को पगबाधा आउट किया जिसके लिये भारत ने डीआरएस की मदद ली थी। भुवनेश्वर ने रबाडा और मोर्कल को लगातार गेंदों पर आउट किया जबकि ताहिर रन आउट होने वाले तीसरे बल्लेबाज बने। जेपी डुमिनी 20 रन बनाकर नाबाद रहे।

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