भारत जल्द ही अपनी सर्वश्रेष्ठ फीफा रैंकिंग हासिल करेगा : कान्सटेनटाइन


नयी दिल्ली:  भारतीय फुटबॉल टीम के कोच स्टीफन कान्सटेनटाइन को पूरा विश्वास है कि टीम अगले कुछ महीनों में अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ फीफा रैंकिंग 94 को पीछे छोडऩे में सफल रहेगी। भारत ने पिछले साल से लगातार 7 अंतरराष्ट्रीय मैच जीते हैं और टीम अभी 100वें स्थान पर काबिज है। कान्सटेनटाइन ने कहा कि अगले साल मार्च में जब एशियाई कप क्वालीफायर्स समाप्त होंगे तब तक टीम को फरवरी 1996 में हासिल की गयी अपनी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग से बेहतर स्थिति में होना चाहिए।

कान्सटेनटाइन ने कहा, मैं गणित में अच्छा नहीं हू लेकिन हमारी रैंकिंग 93 होती है तो मुझे बहुत खुशी होगी। यह सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग होगी और मैं टीम को यहां तक पहुंचाने के लिये तैयार हूं। मैं नहीं जानता कि यह 6 जुलाई (जब फीफा की अगली रैंकिंग जारी होगी) को हासिल होगा लेकिन मैं ऐसा करने जा रहा हूं।

 उन्होंने कहा, मैं नहीं जानता कि यह जीत (एशियाई कप क्वालीफायर्स में किर्गीस्तान पर 13 जून को दर्ज की गयी जीत )हमें वहां तक पहुंचाएगी या नहीं लेकिन मुझे इन क्वालीफायर्स के अंत में इतिहास रचे जाने की उम्मीद है। भारत ने 13 जून को बेंगलुरू में किर्गीस्तान को हराकर खुद को एशियाई कप 2019 के लिये क्वालीफाई करने की स्थिति में रख दिया है। क्वालीफाइग दौर के मैच अगले साल मार्च तक चलेंगे। भारत को अपना अगला मैच पांच सितंबर को मकाऊ से खेलना है।

भारत अगर एशियाई कप के लिये क्वालीफाई कर लेता है तो ऐसा तीसरी बार होगा। इससे पहले उसने 1984 और 2011 में इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में जगह बनायी थी। भारतीय टीम से दूसरी बार जुड़े 54 वर्षीय कान्सटेनटाइन ने कहा कि उनकी टीम केवल फीफा रैंकिंग को ध्यान में रखकर ही नहीं खेलती है। उन्होंने कहा, फीफा रैंकिंग थोड़ा भ्रामक है। यह पूरी कहानी बयां नहीं करती है। क्योंकि यह इस पर निर्भर करती है कि आपने कितने मैच खेले, किससे खेले, अन्य टीमें क्या करती हैं और अन्य टीमें क्या नहीं करती हैं।

कान्सटेनटाइन ने कहा, यह पता करना मुश्किल है कि आप एशिया में 11वां सर्वश्रेष्ठ देश हो या विश्व में 90 के आसपास है। कई अच्छी टीमें हैं जो हमसे पीछे हैं क्योंकि उन्होंने या तो मैच नहीं खेले या फिर वे बड़ी टीमों से हार गये। मैं फीफा रैंकिंग के बारे में बहुत अधिक नहीं सोचता। मेरा तात्कालिक लक्ष्य 2019 एशियाई कप के लिये क्वालीफाई करना है और इसके लिये अभी हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं। यह देखकर अच्छा लग रहा है कि हम आगे बढ़ रहे हैं।

भारत की आलोचना होती रही है कि वह केवल नेपाल, फलस्तीन या कंबोडिया जैसी टीमों के खिलाफ खेलता है, इस पर कान्सटेनटाइन ने कहा, हम फीफा रैंकिंग के लिये नहीं खेल के लिये मैच खेलते हैं। हम चाहते हैं कि खिलाड़ी एक दूसरे को समझें। हमारी योजना जितना संभव हो अधिक से अधिक मैच खेलना है। हम जो भी टीमें उपलब्ध होती हैं उनके खिलाफ खेलते हैं।

log in

reset password

Back to
log in
Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.

Send this to a friend