हार्दिक ने एक ओवर में बनाये 26 रन सबसे तेज शतक बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी


जबरदस्त फार्म में चल रहे भारतीय आलराउंडर हार्दिक पांड्या श्रीलंका के खिलाफ यहां चल रहे तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन रविवार को ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 86 गेंदों में शतक ठोककर वीरेंद्र सहवाग के बाद टेस्ट मैचों में सबसे तेज शतक बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गये। अपनी इस पारी में उन्होंने एक ही ओवर में 26 रन बनाने का कारनामा भी कर दिखाया जो अब तक किसी भारतीय ने नहीं किया था।

हार्दिक ने दूसरे दिन सुबह के सत्र में तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 96 गेंदों पर आठ चौकों और सात छक्कों की मदद से 108 रन बनाये। हार्दिक की यह सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी भी थी। उन्होंने सहवाग के टेस्ट मैचों में एक पारी में सात छक्के लगाने के रिकार्ड की भी बराबरी की। सहवाग ने श्रीलंका के खिलाफ ही 2009 में सात छक्के जड़े थे। हालांकि इस मामले में पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू आगे हैं जिन्होंने 1994 में श्रीलंका के खिलाफ ही एक पारी में आठ छक्के जड़े थे।

हार्दिक ने अपनी शतकीय पारी के दौरान श्रीलंकाई गेंदबाज पुष्पकुमारा के एक ही ओवर में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 26 रन बनाये जो किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सर्वश्रेष्ठ रिकार्ड है। इससे पहले यह रिकार्ड संदीप पाटिल और कपिल देव के नाम था जिन्होंने एक ओवर में 24-24 रन बनाये थे। कल के एक रन पर नाबाद हार्दिक ने लंच के पहले जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 107 रन और जोड़े जो किसी भी भारतीय की तरफ से लंच के पहले का सर्वाधिक स्कोर है।

इससे पहले सहवाग ने 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ लंच से पहले 99 रन जोड़े थे। स्टार आलराउंडर ने अपने पहले शतक के लिये मात्र 86 गेंद लीं जो सहवाग के बाद विदेशी धरती पर सबसे तेज शतक था। सहवाग ने 2006 में वेस्टइंडीज दौरे में मात्र 78 गेंदों पर शतक पूरा किया था।

श्रीलंकाई धरती पर विदेशी खिलाड़ी द्वारा बनाये गये सबसे तेज शतक में वह पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम के साथ संयुक्त रूप से आ गये हैं जिन्होंने 2000 में 86 गेंदों पर ही शतक पूरा किया था।

हार्दिक ने अपनी इस शतकीय पारी से आठवें नंबर पर उतरकर पारी में सर्वाधिक रन बनाने का भारतीय रिकार्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकार्ड इरफान पठान के नाम था जिन्होंने 2005 में 82 रन बनाये थे।