अब हारी तो तीन बार की चैंपियन मुंबई बाहर


आईपीएल-11 में धमाकेदार शुरूआत करने वाली किंग्स इलेवन पंजाब अपने आखिरी छह में से पांच मैच गंवाकर अपने सुरक्षित तीसरे स्थान से खिसककर पांचवें नंबर पर पहुंच गयी है और प्लेऑफ में पहुंचने के लिये अब उसके पास बुधवार को मुंबई इंडियन्स के खिलाफ मैच में जीत के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। पंजाब को पिछले मैच में मुहाने पर खड़ विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के हाथों 10 विकेट की शर्मनाक हार झेलनी पड़ थी जिसके बाद वह तीसरे नंबर से खिसककर सीधे पांचवें स्थान पर पहुंच गयी है। पंजाब ने अपने पिछले छह में से पांच मैच गंवाये हैं। उसने राजस्थान, कोलकाता और बेंगलुरू के हाथों लगातार तीन मैच हारने की हैट्रिक भी लगा ली है और अब नॉकआउट में उसके लिये शेष दोनों मैच जीतना अनिवार्य हो गया है।

रविचंद्रन अश्विन की कप्तानी वाली पंजाब की टीम 12 मैचों में छह जीत और छह हार के साथ 12 अंकों पर पांचवें नंबर पर है। उसके लिये सीधी टक्कर अब तीसरे नंबर की कोलकाता और चौथे नंबर की राजस्थान से है जिनके उसके बराबर 12 मैचों में 12 अंक हैं। वहीं मुंबई इंडियन्स 12 मैचों में 10 अंकों के साथ छठे नंबर पर है और यदि रोहित शर्मा की कप्तानी में तीन बार चैंपियन बनी यह टीम अगला मैच हारती है तो वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी।

मुंबई की टीम ने इस वर्ष काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया है और पिछले मैच में वह अपने घरेलू वानखेड़ स्टेडियम में भी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सात विकेट से मैच गंवा बैठी थी। आईपीएल की सबसे सफल टीम मुंबई तीन बार की चैंपियन है लेकिन मौजूदा संस्करण में उसके खेल में निरंतरता उसकी हार की वजह बनी। स्टार खिलाड़यि से सुसज्जित टीम राजस्थान के खिलाफ अपने 168 रन के संतोषजनक स्कोर का भी बचाव नहीं कर सकी थी। वहीं पंजाब भी पिछली लगातार हार के बाद दबाव में है और बेंगलुरू के खिलाफ टीम 15.1 ओवर में 88 रन पर ही जिस तरह ढेर हो गयी थी उसके बाद तो टीम और भी मनोवैज्ञानिक दबाव में दिख रही है।

टीम के तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल का तूफान भी अहम पड़व पर ठंडा दिख रहा है जिन्होंने पिछले चार मैचों में 18, 21, 1 और 8 रन की पारियां खेली हैं और टीम के लिये जरूरी मौकों पर लगातार फेल हो रहे हैं। अच्छी फार्म में चल रहे ओपनर लोकेश राहुल पर टीम रनों के लिये सबसे ज्यादा निर्भर है और पिछले मैच में उनके 21 रन पर सस्ते में आउट होने के बाद कोई अन्य खिलाड़ स्कोर नहीं बना सका। राहुल 12 मैचों में 558 रनों के साथ शीर्ष स्कोरर हैं जबकि दूसरे नंबर पर गेल हैं जिन्होंने नौ मैचों में 350 रन बनाये हैं। नायर 12 मैचों में 22.45 के औसत से 247 रन ही बना सके हैं और इसके अलावा टीम के पास कोई बड़ स्कोरर नहीं है। वहीं गेंदबात्रों में एंड्रू टाई 20 विकेट और मुजीब उर रहमान 14 विकेट के साथ सबसे सफल हैं लेकिन अन्य खिलाड़ उम्मीदों पर बहुत खरे नहीं उतरे हैं।

मुंबई की स्थिति भी अलग नहीं है। उसके कप्तान रोहित पिछले मैच में शून्य पर आउट हुये। उन्होंने 12 मैचों में 26 के औसत से 267 रन ही बनाये हैं। हालांकि सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है जिनके इतने मैचों में 473 रन है और वह सबसे सफल स्कोरर हैं। इसके बाद एविन लुईस(325) दूसरे बड़ स्कोरर हैं। लुईस राजस्थान के खिलाफ भी 60 रन की बड़ पारी खेलने वाले अकेले बल्लेबाज थे। गेंदबात्री में भी टीम ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या पर काफी निर्भर है जिन्होंने 18 विकेट और 11 विकेट लिये हैं। मयंक मार्कंडेय, जसप्रीत बुमराह, मिशेल मैकक्लेनेगन भी टीम के अच्छे गेंदबाज हैं लेकिन टीम को खेल में निरंतरता की जरूरत है जिसके अभाव में वह अब बिल्कुल मुहाने पर खड़ है और अगले मैच में हारी तो टूर्नामेंट में उसकी आखिरी उम्मीद भी खत्म हो जाएगी।

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