आखिर कुश्ती लीग में पदार्पण नहीं कर पाएंगे सुशील


Sushil Kumar

दो बार के ओलम्पिक पदक विजेता सुशील कुमार को प्रो रेसलिंग लीग में उतरता देखने की कुश्ती प्रेमियों की हसरत इस बार भी अधूरी रह गई। सुशील ने घुटने की चोट के कारण लीग में नहीं उतरने का फैसला किया है। सुशील लीग के पहले दो सत्रों में नहीं खेले थे और इस बार उन्हें पदार्पण करना था। कुश्ती प्रेमियों को लीग में सुशील और उनके प्रबल प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे प्रवीण राणा के बीच रविवार को सीरी फोर्ट काम्प्लेक्स में होने वाले मुकाबले का लीग शुरू होने के पहले से ही इन्तजार था लेकिन सुशील चोट के कारण अपनी टीम दिल्ली सुल्तांस के पहले चार मुकाबलों में खेलने नहीं उतर पाए। दिल्ली की टीम अपने चारों मुकाबले हार कर सेमीफाइनल की होड़ से बाहर हो चुकी है।

दो बार के ओलम्पिक पदक विजेता पहलवान ने अपने हटने के पीछे घुटने की चोट का हवाला दिया है। सुशील को यह चोट 29 दिसंबर को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए फाइनल ट्रायल के दौरान जितेंदर से लड़ते वक्त लगी थी। पिछले सप्ताह छत्रसाल स्टेडियम में अभ्यास के दौरान उनकी चोट बढ़ गई थी। सुशील ने कहा, ‘राष्ट्रमंडल खेल ट्रायल से ही मुझे घुटने की चोट परेशान कर रही है। अब भी घुटने में दर्द है और मैं नहीं चाहता कि पूरी तरह से फिट होने से पहले रेसलिंग करूं। इससे चोट बढ़ सकती है।’ सुशील अगर फिट नहीं हुए तो उन्हें इस चोट की वजह से किर्गिस्तान में 24 फरवरी से 8 मार्च तक होने वाली एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप से भी बाहर होना पड़ सकता है। हालांकि सुशील एशियाई प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उत्सुक हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं छत्रसाल स्टेडियम में आराम नहीं कर रहा हूं। मैं ट्रेनिंग कर रहा हूं और जल्द से जल्द फिट होना चाहता हूं। एशियन चैंपियनशिप के लिए बहुत कम वक्त रह गया है। मैं उसमें खेलने को लेकर उत्सुक हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि तब तक चोट पूरी तरह से ठीक हो जाएगी।’ दिल्ली सुल्तांस ने सुशील को 55 लाख रुपये में खरीदा था जिससे वह इस लीग के अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ बन गए थे।

अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक करें।

Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.