कोविंद का राष्ट्रपति बनना तय


नई दिल्ली : देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद और 31 विधानसभाओं में निर्वाचक मंडल के सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चुनाव में राजग प्रत्याशी रामनाथ कोङ्क्षवद और विपक्ष की साझा प्रत्याशी मीरा कुमार के बीच सीधा मुकाबला है। इस चुनाव में राजग प्रत्याशी के पक्ष में बहुमत है और कई अन्य दलों के साथ आने से कोङ्क्षवद को 65 से 70 फीसदी मत मिलने की उम्मीद की जा रही है। इस समय राजग और उसके सहयोगी दलों के पास 340 से अधिक लोकसभा सांसदों का समर्थन है। कई बड़े राज्यों में भी भाजपा की सरकार है। इस चुनाव में दिग्गज नेताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह तथा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित बड़ी संख्या में सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (दोनों लोकसभा सदस्य) ने लखनऊ में तथा गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (राज्यसभा सदस्य) ने पणजी में मतदान किया। तीनों ने इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमति ली थी। दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरङ्क्षवद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अध्यक्ष रामनिवास गोयल समेत कई अन्य विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राजस्थान विधानसभा में सबसे पहला मत स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचन्द कृपलानी तथा दूसरा मत कांग्रेस के गोङ्क्षवद सिंह डोटासरा ने डाला। कांग्रेस के अशोक गहलोत ने गुजरात विधानसभा में मतदान की अनुमति ली है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। बिहार विधानसभा में पहला वोट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय सरावगी ने डाला। श्री मोदी पौने दस बजे ही संसद भवन पहुंच गए थे और उन्होंने कमरा नंबर 62 पहुंचकर मतदान किया। इस मतदान केंद्र पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह , विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी पहले मत डालने वाले प्रमुख नेताओं में से थे ।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह , कृषि मंत्री राधामोहन सिंह , विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद, खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री रामविलास पासवान, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी सुबह मतदान किया। इसके बाद केन्द्रीय मंत्रियों वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी और थावरचंद गहलौत, भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी, हेमा मालिनी एवं किरण खेर, कांग्रेस के ए.के. एंटनी, आनन्द शर्मा और राज बब्बर, समाजवादी पार्टी की नेता डिम्पल यादव तथा माकपा के मोहम्मद सलीम, एम.बी. राजेश और ए. सम्पत ने भी मतदान किया। संसद भवन परिसर में राष्ट्रपति चुनाव के मतदान के मद्देनजर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा के उद्देश्य से कुछ जगहों पर अलग से बेरिकेड लगाए गए थे। सदस्यों को मतदान केन्द्र तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

मतदान के चलते आज संसद भवन में काफी गहमागहमी नजर आई और सदस्यों के बीच इसे लेकर काफी उत्साह भी दिखाई दिया। दोपहर होते-होते लगभग 80 प्रतिशत मतदान हो चुका था और उसके बाद संसद के गलियारे में सदस्यों की आवाजाही और गहमागहमी समाप्त होने लगी। मतदान में लोकसभा के 543 तथा राज्यसभा के 233 सदस्य और देशभर में विधानसभाओं के 4120 विधायक भाग ले रहे हैं। इस समय लोकसभा और राज्यसभा में दो-दो सीटें खाली हैं, इसलिए लोकसभा के 541 और राज्यसभा के 231 सदस्य ही मतदान कर सकेंगे। वोट डालने के लिए सांसदों और विधायकों को विशेष प्रकार का पैन उपलब्ध कराया गया। दिल्ली विधानसभा के कमरा संख्या 31 में मतदान केंद्र बनाया गया था, जहां मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के अलावा अन्य विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, इनमें पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा और भाजपा के विधायक ओमप्रकाश शर्मा और जगदीश प्रधान भी शामिल हैं।

पंजाब और हरियाणा के संयुक्त विधानसभा परिसर में दोनों राज्यों के लिए अलग-अलग मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां इनके विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  ने सुबह यहां नाश्ते पर पार्टी विधायकों के साथ बैठक की। इसके बाद वह मतदान के लिए विधानसभा पहुंचे थे। झारखंड विधानसभा में सबसे पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से राज्य के नगर विकास मंत्री सी.पी. सिंह ने वोट किया। इसके बाद विधान सभाध्यक्ष दिनेश उरांव ने वोट दिया।मध्यप्रदेश विधानसभा में अपराह्न तीन बजे तक सभी 228 विधायकों ने मतदान किया। राज्य के कुल 230 विधायकों में से एक नरोत्तम मिश्रा निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे विधायक प्रेम सिंह का निधन हो चुका है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करीब साढ़े 10 बजे मतदान करने पहुंचे थे। 182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा में भाजपा के 123 विधायकों में से एक नलिन कोटडिया ने विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में मतदान किया। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के समर्थक तथा भाजपा से बगावत कर चुके श्री कोटडिया ने कहा कि उन्होंने श्रीमती कुमार के पक्ष में जान बूझकर मतदान किया। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्षी नैशनल कांफ्रैंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सबसे पहले मतदान किया। मतदान के दौरान मीडिया कर्मियों को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गयी थी।

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