पेरिस समझौते ने इंडिया और चीन को दे दी होती खुली छूट : अमेरिका उपराष्ट्रपति


वाशिंगटन : अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस आज बताया कि अगर पेरिस जलवायु समझौते ( Paris climate agreement ) ने इंडिया और चीन को एक तरह से खुली छूट दे दी होती तो इससे अमेरिकी Economy को 65 लाख से ज्यादा नौकरियों का नुकसान पंहुचा होता ।

National Association of Manufacturers 2017 Manufacturing summit को संबोधित करते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने बताया कि यह राष्ट्रपति अमेरिका को सबसे आगे रखते हैं। ज्यादा समय नहीं हुआ जब उन्होंने अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से अलग करने का फैसला किया।

वही अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस का ये भी कहना है कि आप जानते हैं कि एक स्वतंत्र अध्ययन में पाया गया कि पेरिस समझौते से अगले 25 वर्ष में अमेरिकी Economy को 65 लाख से ज्यादा उत्पादन संबंधी नौकरियों का नुकसान हुआ होता जबकि चीन और India को एक तरह से खुली छूट मिल गई होती।  अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि इस भयावह समझौते से अमेरिका को अलग करके राष्ट्रपति ने अमेरिका को शीर्ष पर रखा है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने बताया कि उन्होंने इस समझौते पर दोबारा मोलभाव करने या एक अलग समझौता लेकर आने का दरवाजा खुला रखा है। लेकिन उन्होंने अमेरिका को शीर्ष स्थान पर रखा है और मैं यहां मौजूद उत्पादकों से वादा करता हूं कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा ऐसा करेंगे। माइक पेंस ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी ऊर्जा पर एक नया जोर दिया है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर रोज यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं कि अमेरिकी उत्पादकों के पास अपने कारखानों को चलाने के लिए और भविष्य के लिए किफायती, प्रचुर और विश्वसनीय ऊर्जा हो।

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