जाधव केस : ICJ में भारत की बड़ी जीत


भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले पर भारत को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में बड़ी जीत मिली है | अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने अपना फैसला सुनते हुए पाकिस्तान को यह आदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक जाधव को फांसी न दी जाये | ICJ के जज जस्टिस रोनी अब्राहम ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पाकिस्तान का उसे जासूस बताने वाला दावा सही नहीं माना जा सकता | इसके साथ ही कोर्ट ने पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस देने की भी बात कही. कोर्ट ने यह भी  कहा कि दोनों देशों ने विएना समझौते पर दस्तखत किए हैं|  ICJ के फैसले के बाद पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त गौतम बंबावाले अब अपनी टीम के साथ कुलभूषण जाधव से मिल सकते हैं इससे पहले सोमवार को आईसीजे में भारत और पाकिस्तान ने अपना-अपना पक्ष रखा था। भारत ने सबूतों के आधार पर कोर्ट में अपना पक्ष रख।

भारत ने जाधव पर पाकिस्तान के सभी आरोपों को झूठ बताया था और पाकिस्तान ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताया था। पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में जाधव एक साल से भी अधिक समय से हिरासत में रखा है। कुलभूषण जाधव को 10 अप्रैल को फांसी की सजा सुनाई गई थी।  वहीं आईसीजे के इस आदेश के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वकील हरीश साल्वे और अपनी टीम को उनकी मेहनत के लिए बधाई दी और ट्वीट किया कि पीएम मोदी की अगुवाई में सरकार जाधव को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उल्लेखनीय है कि कुलभूषण जाधव को 3 मार्च 2016 को पाकिस्तान ने गिरफ्तार यह दावा था कि रिसर्च एनेलेसिस विंग (रा)का जासूस है जबकि जाधव कानूनी तौर पर ईरान में रहकर अपना व्यापार करते थे गत वर्ष जाधव के कथित कबूलनामे का एक वीडियो भी पाकिस्तान ने जारी किया । भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक जाधव कानूनी तौर पर ईरान में अपना व्यापार करते थे और उन्हें जबरन ईरान से अगवा किया गया ।

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को देश के खिलाफ जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होने का दोषी करार देते हुए 10 अप्रैल को जाधव को फांसी की सजा सुना दी। भारत ने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के अफसरों की जाधव से मुलाकात करवाने की 16 बार इजाजत मांगी लेकिन जाधव से मुलाकात नहीं करने दी गई ।  11 अप्रैल को भारत के गृहमंत्री और विदेश मंत्री ने संसद में कुलभूषण जाधव को वापस लाने का दावा किया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि एक निर्दोष भारतीय नागरिक को गलत आरोपों में सजा दी जा रही है इसे भारत सुनियोजित हत्या मानेगा और हर हाल में उसे वापस लाने के लिए सरकार कदम उठाएगा। जाधव को फांसी दिए जाने के खिलाफ भारत ने आईसीजे की ओर रूख किया और आईसी जे ने इस मामले में 15 मई को भारत और पाकिस्तान दोनों की दलीलें सुनी थी। भारत की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कुलभूषण जाधव केस की पैरवी की थी। भारत ने इस मामले में पाकिस्तान के आरोपों को गलत बताया था और कुलभूषण जाधव की जल्द रिहाई की मांग की थी।

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