…OMG ! इस पेड़ पर उगती हैं औरतें


अभी तक आपने पेड़ों पर कई तरह के फूल उगते और फल लगते तो देखें होंगे लेकिन क्या कभी आपने किसी पेड़ पर महिलाएं उगती सुना है नहीं ना! शायद आपको जानकर यकीन नहीं होगा लेकिन ये तो सच्चाई हैं। हां, जनाब आप सही सुन रहे हैं। एक ऐसी जगह है जहां पेड़ पर महिलाओं की आकृति का फूल खिलता हैं। जिसे देखकर आप हैरान हो जाएंगे। आपको बता दें कि दुनिया रहस्यों से भरी पड़ी है। कब कहां क्या मिल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।

Source

आज हम आपको ऐसे ही एक फूल के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसकी बनावट की वजह से इसे नारीलता के नाम से जाना जाता है और ये रहस्यों की भूमि यानि थाईलैंड में पाई जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ये फूल 20 साल में एक बार खिलते हैं।

Source

 प्रकृति की ये अनोखी कारीगरी

बता दें कि ये फूल एक साथ खिलते हैं और देखने पर प्रकृति की अनोखी कारीगरी जैसा मालूम होता हैं। जब आप इन्हें देखेंगे तो पेड़ पर लटकी हुई गुडिय़ा के जैसा ही मालूम होती हैं, किंतु सही में ये फूल ही होते हैं। ये थाईलैंड के हिमाफन जंगलों में पाए जाते हैं। जबकि दुर्लभ होने के कारण इन्हें आमतौर पर देखना असंभव होता है।

Source

स्थानीय मान्यताओं

आप को ये भी जानकर हैरानी होगी कि जो भी इन फलों को अपने साथ ले गया और इनके साथ संबंध बनाए, वे चार महीनों तक सोते रहे और उनकी सारी शक्तियां भी छिन गईं।  थाईलैंड में इन पेड़ों को नैरीफन कहते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह पेड़ यहां खुद भगवान इंद्र ने लगाए थे। कहते हैं कि इंद्र अपनी पत्नी और बच्चों के साथ यहां रहते थे।

एक बार उनकी पत्नी फल तोड़ने गई थी जब कुछ लोगों ने उन्हें परेशान किया था। उनकी रक्षा के लिए इंद्र ने नैरीफन के 12 पेड़ लगाए थे जिसपर उनकी पत्नी जैसे दिखने वाले फल लगते हैं। इंद्र ने यह पेड़ इसलिए लगाए ताकि लोग भ्रमित हो जाएं। महिलाओं के आकार के इन फलों का स्वाद कैसा होता है यह तो किसी को नहीं मालूम लेकिन बौद्ध मान्यताओं में इनका बड़ा महत्व है

वैज्ञानिक भी इसे प्रकृति का एक और आश्चर्य मानते हैं

बता दे हिमालय की वादियां अनेक और विचित्र रहस्यों के लिए काफी जानी जाती हैं। क्योकि ये भगवान शिव का घर कहा जाता है जिसके कारण से यहां करोड़ों वर्षों से ऋषि मुनियों के तपस्या करने की जानकारियां भी सामने आती हैं। जिनका सम्पूर्ण उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। जबकि इस वृक्ष और फूल के बारे में फिलहाल कुछ अधिक शोध किया हुआ सामने नहीं आए हैं, मगर ये बीस साल के अंतर को वैज्ञानिक भी प्रकृति का एक और आश्चर्य ही मानते हैं।

Source

हाबेनरिया प्रजाति का है ये फूल

ऑर्किडासिए परिवार का ये फूल हाबेनरिया प्रजाति का है। हाबेनरिया की सभी प्रजातियों के फूल ट्यूबर युक्त स्थलीय ऑर्किड होते हैं। ये फूल श्रीलंका में लियाथाबरा माला के नाम से जाना जाता है, जिसकी 10 अलग अलग प्रजातियां है। वहीं थाईलैंड में इस फूल के पौधे को नारीपोल कहा जाता है।

Choose A Format
Poll
Voting to make decisions or determine opinions
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals
List
The Classic Internet Listicles
Video
Youtube, Vimeo or Vine Embeds
Thanks for loving our story. Like our Facebook page to get more stories.