इस जादुई झरने में स्नान से हर कष्ट और बुरी आत्माओं से मिलता है छुटकारा


हर देश की अपनी-अपनी संस्कृति और आस्थाएं होती है, अलग-अलग रीति रिवाज़ होते है जो उन्हें दूसरे देशों से इतर बनाते है। कहा जाता है ये मान्यताएं ही हमे देश की सभ्यता और इतिहास के बारे में बताती है। तो आज हम आपको बताने वाले है इसी तरह की एक मान्यता के बारे में जिसके ऊपर कुछ लोग नहीं बल्कि पूरा देश आस्था रखता है।

आज हम बात कर रहे हैं एक जादुई झरने के बारे में, जिसके बारे में मान्यता है की इसके पानी में नहाने से बुरी आत्माओं से छुटकारा मिल जाता है और कई तरह के लाइलाज रोग भी दूर हो जाते है।

ये जादुई झरना उत्तर अमेरिका के एक देश ‘हैती’ में है जो इस देश की राजधानी पोर्ट आउ प्रिंस से करीब 150 मील दूर स्थित है। इस झरना की आस्था हज़ारों साल पुरानी है , और हर साल लाखों लोग खासकर वूडू भक्त इस झरने में स्नान करने के लिए आते है।

मान्यता के अनुसार यहाँ पर हर साल ‘एरजूली देवी’ का एक अजीबोगरीब समारोह होता है जिसमे लोग इस झरने के पानी को पवित्र मानकर पूरे कपडे उतारकर नहाते हैं। माना जाता है इस स्नान से भाग्य बदल जाता है ,लोगों की परेशानी दूर हो जाती है।

लोग अपने कपडे उतर कर हवा में उछाल देते है तो देवी को याद कर स्नान करते है। लोग कई घंटों तक यहाँ पूजा वगैरह भी करते है, और देवी से आशीर्वाद मांगते है। हीं एक मान्यता के अनुसार, 1847 में एरजूली डेंटर नामक वूडू देवी एक पेड पर अवतरित हुई थी।

एरजूली को सुंदरता और प्यार की देवी माना जाता था। इस झरने को लोग बीते हुए कल के प्रतीक के रूप में देखते है और उम्मीद करते है की स्नान के बाद उनके जीवन में नयी शुरुआत आएगी।

एक कैथोलिक पादरी को यह सब पंसद नहीं आया, उसने इसे ईशनिंदा करार देकर उसके पेड़ के तने से काट डालने का आदेश दिया। बाद में स्थानीय लोगों ने यहां देवी की मूर्ति बनाई। वूडू समारोह के दिन यहां लोग मूर्ति के सामने शराब जैसी ड्रिंक “क्लेरेक” और खाना चढ़ाते हैं।