यूक्रेन से निकले नये कंप्यूटर वायरस ने दुनिया भर में बरपाया कहर


फ्रैंकफर्ट/ मॉस्को/ कीव : यूक्रेन से फैला एक नया साइबर वायरस आज दुनिया भर में कहर बरपा रहा है। पुलिस और अंतरराष्ट्रीय साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक इस वायरस ने ना केवल हजारों कंप्यूटरों को ठप कर दिया है बल्कि इसने मुंबई से लॉस एंजिल्स तक के बंदरगाहों को भी बाधित कर दिया है। इस वायरस ने ऑस्ट्रेलिया में चॉकलेट फैक्ट्री में उत्पादन तक को रोक दिया है।

मंगलवार को हुआ यह वायरस हमला

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‘वानाक्राई रैनसमवेयर’ जैसे इस वायरस ने मंगलवार को यूक्रेन पर हमला किया था। इस वायरस ने चुपके से कम्प्यूटरों को अपना निशाना बनाया जब उपयोगकर्ताओं ने एक लोकप्रिय टैक्स अकांउङ्क्षटग पैकेज या एक स्थानीय न्यूज साइट को देखा। इस हमले के एक दिन बाद भी विश्व भर की कंपनियां इसके नतीजे को लेकर असमंजस में हैं जबकि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इसके फैलाव को रोकने को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

डैनिश सिपिंग दिग्गज ए पी मोलर मास्र्क ने कहा कि उन्हें अपने एपीएम टर्मिनल सब्सिडियरी द्वारा दुनिया भर में संचालित 76 बंदरगाहों में से कुछ में आदेशों की प्रक्रिया और कार्गो को स्थानांतरित करने में संघर्ष करना पड़ रहा है।

अमेरिकी कूरियर कंपनी फेडेक्स बुरी तरह प्रभावित

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अमेरिकी कूरियर कंपनी फेडेक्स ने कहा कि इसका टीएनटी एक्सप्रेस डीविजन वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस वायरस ने दक्षिण अमरिका के साथ-साथ चीन के कोफ्को द्वारा संचालित अर्जेंटीना के बंदरगााह को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

300 डॉलर की फिरौती देने या डेटा को पूरी तरह से खोने की धमकी देता है यह वायरस
मई में हुए ‘वानाक्राई रैनसमवेयर’ हमले की तरह ही विद्वेषपूर्ण कोड मशीनों को लॉक कर देता है और पीडि़तों से बिटकॉइन में 300 डॉलर मूल्य की फिरौती देने या अपनी डेटा को पूरी तरह से खोने की धमकी देता है।

30 से अधिक पीडि़तों ने मांगी गयी राशि का किया भुगतान
अभी तक 30 से अधिक पीडि़तों ने मांगी गयी राशि का भुगतान भी कर दिया है। पर सुरक्षा विशेषज्ञ पूछताछ कर रहे हैं कि क्या हैकर वित्तीय लाभ के बजाय विनाशकारी उद्देश्यों से प्रेरित हैं। जर्मनी के एक सरकारी साइबर सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि फिरौती की राशि के भुगतान के बाद हैकरों ने पीड़तिों को ईमेल द्वारा उन्हें सूचित करने के लिए कहा लेकिन जर्मन प्रदाता पोस्टियो ने तुरंत एड्रेस को बंद कर दिया।

यूक्रेन ने रूस पर लगाए आरोप
साइबर हमले से सबसे अधिक प्रभावित यूक्रेन रूस पर अपने कम्प्यूटर सिस्टमों और महत्वपूर्ण उर्जा बुनियादी ढ़ाचों पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाता रहा है। गत 2014 में काला सागर पर शक्तिशाली पड़ोसी रूस के कब्जे के बाद से प्राय: ऐसे आरोप लगाये जाते रहे हैं।

यूक्रेन के सरकारी मंत्रालय इस वायरस से बुरी तरह प्रभावित

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दरअसल मौजूदा वायरस हमले के कारण यूक्रेन में सरकारी मंत्रालयों, बिजली कंपनियों और बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में बड़ी खराबी आई है। यूक्रेन का सेंट्रल बैंक, सरकारी बिजली वितरक कंपनी, विमान निर्माता कंपनी एंतोनोव और डाक सेवाएं इस हमले से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव की मेट्रो में पेमेंट कार्ड काम नहीं कर रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों का काम-काज रोकना पड़ा है।

यूक्रेन द्वारा लगाए आरोपो का रूस की किया खंडन
यूक्रेन द्वारा अपने उपर लगाये गये आरोपों से रूस हालांकि साफ इंकार करता है। रूस की शीर्ष तेल उत्पादक कंपनी रोजनेफ्ट समेत कई बड़ी कंपनियों ने भी कहा है कि उनके यहां भी साइबर हमले का असर हुआ है। रूस की स्टील उत्पादक एक कंपनी भी वायरस हमले की शिकार बनी है।

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