कतर पर अन्य अरब देशों के प्रतिबंध की संभावना


दुबई : कतर पर अन्य अरब देशों द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने की संभावना बढ़ गयी है क्योंकि इनके बीच संकट समाप्त होने के संकेत नहीं हैं। चार अरब देशों ने कतर पर आतंकवाद से संबंध होने का आरोप लगाते हुए पहले इसके साथ संबंध तोड़ चुके हैं। इन देशों ने कतर को विभिन्न मांगों को मानने को कहा था जिसकी समय सीमा आज रात को समाप्त हो जाएगी।

कतर ने चार अरब देशों की मांगों को किया खारिज
हालांकि कतर ने चार अन्य अरब देशों द्वारा की गई विभिन्न मांगों को आज खारिज करते हुए कहा कि उनके अल्टीमेटम का उद्देश्य आतंकवाद से निपटना नहीं बल्कि उसकी संप्रभुता को कम करना है। कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने रोम में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनका देश अभी भी बातचीत करने और अपने पड़ोसी देशों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

मांगों की सूची स्वीकार करने योज्ञ नहीं : कतर
उन्होंने कहा, Þमांगों की सूची स्वीकार करने योज्ञ नहीं बल्कि अस्वीकार करने योज्ञ है। फिर भी हम बातचीत में शामिल होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उचित परिस्थितियों में।Þ उन्होंने कहा कि अन्य अरब देशों की मांगों के अनुरूप कतर अपने देश में तुर्की सैन्य अड्डे या दोहा स्थित सेटेलाइट चैनल अल जजीरा को बंद नहीं करेगा।

गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी
मिस्त्र, बहरीन, सऊदी अरब और सयुंक्त अरब अमीरात ने कतर पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया है। इन देशों ने 13 मांगों से जुड़ी एक डेडलाइन निर्धारित करते हुए इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी है। इनकी मांगों में आतंकवादी समूहों के साथ संबंध तोडऩे, अल जजीरा चैनल को बंद करने, कट्टर प्रतिद्वंद्वी ईरान के साथ संबंधों को कम करना और कतर में एक तुर्की हवाई अड्डे को बंद करना शामिल है।

कतर के विदेश मंत्री अमेरिका यात्रा पर
कतर के विदेश मंत्री अमेरिका यात्रा के बाद यहां आए हैं। अमेरिका कुवैत की सहायता कर रहा है जिसने कतर के साथ संबंध बनाए रखा है और विवाद में मध्यस्थता भी कर रहा है। कुवैत के माध्यम से 10 दिन पहले अन्य अरब देशों ने कतर को 13 सूत्री मांगों का डेडलाइन निर्धारित किया था।

रूस ने की कतर और बहरीन के नेताओं से फोन पर चर्चा
इससे पहले आज क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कतर और बहरीन के नेताओं के साथ विवाद के बारे में अलग-अलग फोन से चर्चाएं की और राजनयिक समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया।